मणिपुर उच्च न्यायालय ने उस जनहित याचिका (पीआईएल)  को खारिज कर दिया, जिसमें राज्य के अधिकारियों को बुजुर्गों और विकलांग व्यक्तियों के लिए प्राथमिकता के आधार पर घर-घर जाकर कोविड -19 टीकाकरण करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।।

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रिंगबाम कमी नाम के एक व्यक्ति द्वारा दायर जनहित याचिका में अधिकारियों को बुजुर्गों और विकलांग व्यक्तियों की पहचान करने के लिए निर्देश देने की भी मांग की गई थी, जिन्हें घरेलू टीकाकरण की आवश्यकता है। इसके बाद अवर सचिव, COVID टीकाकरण प्रशासन प्रकोष्ठ, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने एक जवाबी हलफनामा दायर किया, जिसमें कोविड -19 महामारी के संदर्भ में विकलांग नागरिकों को सहायता प्रदान करने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण दिया। 

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उप सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मणिपुर सरकार ने राज्य भर में कोविड -19 टीकाकरण प्रदान करने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में टीकाकरण शिविर आयोजित किए गए, लेकिन मानव संसाधन की कमी और समय की कमी के कारण घर-घर टीकाकरण नहीं किया गया। वृद्धों और विकलांग व्यक्तियों के टीकाकरण के संबंध में उन्होंने कहा कि यदि समाज कल्याण विभाग उन परिवारों और लाभार्थियों की पहचान कर सकता है जो टीकाकरण करना चाहते हैं, तो इसका आयोजन किया जाएगा।

उप सचिव, समाज कल्याण विभाग, मणिपुर सरकार ने एक अलग हलफनामा दायर किया जिसमें कहा गया कि निदेशक (स्वास्थ्य), मणिपुर को उस क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों के संबंध में विकलांग व्यक्तियों का टीकाकरण करने के लिए कहा गया था। इसके बाद, उप सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, मणिपुर सरकार ने एक अतिरिक्त हलफनामा दायर किया जिसमें कहा गया था कि टीकाकरण लेने के लिए पात्र व्यक्तियों को काउइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत किया गया था, लेकिन विकलांग व्यक्तियों के पंजीकरण के लिए इसमें कोई विशिष्ट कॉलम नहीं था।

उन्होंने आगे कहा कि इसका मतलब यह नहीं था कि उन्हें बाहर कर दिया गया था, लेकिन इस श्रेणी के संबंध में सटीक संख्या का पता नहीं लगाया जा सकता है। हालांकि उनमें से कई को पहले ही टीका लगाया जा चुका है। उन्होंने आगे कहा कि बुजुर्ग व्यक्तियों और विकलांग नागरिकों के लिए घर-घर टीकाकरण मोबाइल टीकाकरण वैन के माध्यम से 03.11.2021 से 30.11.2021 तक किया गया था और उसके बाद इसे 31.12.2021 तक बढ़ा दिया गया था। यह कार्यक्रम अभी भी राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जारी है।