कोरोना संकट के बीच मणिपुर में ड्रोन के बेहतर प्रयोग नमूना सामने आया है। 6 अक्टूबर को ड्रोन के जरिए कोविड-19 वैक्सीन (covid-19 vaccine)  एक जगह से दूसरी जगह भेजी गई थी अब 11 अक्टूबर से ड्रोन के जरिए ही दवाओं को भी एक जगह से दूसरी जगह पर पहुंचाने का काम शुरु हो गया है। पहली बार ड्रोन दवाओं को लेकर चुराचांदपुर से बिष्णुपुर जिला अस्पताल के बीच उड़ान भरी। 

स्वास्थ्य अधिकारियों (health authorities) ने बताया कि ड्रोन के जरिए 1200 आयरन की गोलियां पीएचसी फेयांग पहुंचाई गई जो 40 महिलाओं को दी गई। बताया जा रहा कि ये महिलाओं के लिए ये दवाएं अगले एक महीने के लिए पर्याप्त हैं। वितरण की पूरी प्रक्रिया स्वचलित रही। ड्रोन पायलट ने दवा बॉक्स को ड्रोन से जोड़ा था। जो चुड़ाचंदपुर स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र में सड़क के किनारे जाकर उतरा। जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. सुमित अग्रवाल ने बताया कि ड्रोन के माध्यम से फेरस (Ferrous) और फोलिक एसिड टैबलेट की 1200 गोलियां प्रदान की गई। 

डॉ. सुमित ने बताया कि ड्रोन ने पहली उड़ान में करीब  21 किमी दूरी की तय की। इसके पहले 6 अक्टूबर को कोरोना वैक्सीन लेकर ड्रोन ने 26 किमी तक की उड़ान भरी थी। 9 अक्टूबर को ड्रोन ने बिष्णुपुर से फेयांग के बीच 29 और 26 किमी की दूरी तक की। डॉ. सुमित ने बताया कि उड़ान के दौरान पैरामीटर और दवा बॉक्स पूरी तरह से सुरक्षित रहे और उन्हें पीएचसी फाएंग पहुंचाया गया। 

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इसके पहले तेलंगाना सरकार ने 'मेडिसिन फ्रॉम द स्काई' (Medicine from the Sky) नाम से 11 सितंबर को एक योजना शुरु की, इसमें ड्रोन के जरिए दूरदराज के इलाकों में दवाओं को पहुंचाने की कोशिश की गई। मणिपुर में इसबार ड्रोन से दवा पहुंचाने के प्रोसेस में आईसीएमआर का कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था, सारी गतिविधियां मणिपुर के स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में संपन्न हुई। हालांकि कर्मचारियों को इसके लिए ICMR से प्रशिक्षण मिला था। वह इस पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए थे। 

बता दें कि ICMR ने कोरोना टीकों को सुरक्षित रूप से ले जाने के लिए ड्रोन की क्षमता का परीक्षण करने के लिए आईआईटी कानपुर के सहयोग से एक प्रारंभिक अध्ययन किया। ये पूरा अध्ययन मणिपुर, अंडमान व निकोबार और नागालैंड पर किया गया। इस अध्ययन से उत्साहित करने वाले नतीजे आए। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (ministry of civil aviation) ड्रोन उड़ाने की परमिशन दी और आज मणिपुर में वैक्सीन (Vaccine in Manipur) और दवाओं को इसके जरिए पहुंचाया जा रहा है।