इंफाल। मणिपुर विधानसभा चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Pm Narendra modi) ने मंगलवार को मणिपुर में रैली की। उन्होंने हिंगांग में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। वहां मोदी की अगवानी के लिए बड़ी संख्या में लोग रास्तों पर खरे रहे। इस दौरान लोग हाथ में भाजपा (BJP) के झंडे और बैनर पकड़े जैसे ही प्रधानमंत्री के काफिले को देखा, उनका उत्साह दोगुना हो गया। जनसभा में पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री जिन रास्तों से गुजरे, वहां के लोगों में पीएम का जबरदस्त क्रेज दिखा। प्रधानमंत्री ने भी समर्थकों को निराश नहीं किया और गाड़ी रुकावाकर लोगों से मिले। मणिपुर में अगले चरण की वोटिंग पांच मार्च को होगी, जबकि 10 मार्च को नतीजे सामने आएंगे। 

हिंगांग में जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए कार्यों ने अगले 25 वर्षों में मणिपुर के विकास की नींव रखी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा (BJP)राज्य में फिर से सरकार बनाएगी। आपने भाजपा के सुशासन और अच्छे इरादों को देखा है। मणिपुर में दशकों के कांग्रेस शासन के बाद राज्य में केवल असमानता ही देखी गई है। उन्होंने कहा- पिछले महीने मणिपुर ने अपनी स्थापना के 50 साल पूरे किए। राज्य ने पिछले कुछ दशकों में कई सरकारें देखी हैं। 

उन्होंने कहा दशकों के कांग्रेस शासन के बाद, मणिपुर में केवल असमानता थी। भाजपा सरकार ने असंभव को संभव बना दिया है और मणिपुर के हर क्षेत्र को बंद और नाकेबंदी से राहत मिली है। जबकि, कांग्रेस ने मणिपुर की मुख्य विशेषता बंद और नाकेबंदी को बना रखा था। प्रधानमंत्री ने युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से भी अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील करते हुए कहा कि यहां के युवाओं ने हथियार छोड़ दिए हैं और विकास की लहर का नेतृत्व करने के लिए आगे आ रहे हैं।

दिव्यांग और बुजुर्ग के लिए विशेष व्यवस्था

मणिपुर विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए दिव्यांग तथा 80 साल से ज्यादा उम्र के मतदाताओं के लिए सोमवार से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य विधानसभा के पहले चरण का मतदान 28 फरवरी को होगा। पोस्टल बैलेट के जरिये मतदान प्रणाली की सुविधा आवश्यक सेवाओं में सेवारत लोगों, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए शुरू की गई है। ऐसे लोगों को डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान करने की अनुमति दी गई है। इस प्रक्रिया के तहत मतदान अधिकारी 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं और दिव्यांग मतदाताओं की मदद करने के लिए उनके आवासों पर जाएंगे, ताकि मतदाताओं के इन वर्गों को मतदान के दिन मतदान केंद्रों पर आने की जरूरत नहीं होगी। वे पोस्टल बैलेट के जरिये पहले की मतदान घर बैठे कर सकेंगे। 

बताद दें कि विधानसभा चुनाव 2017 में बीजेपी को सिर्फ 21 सीटें ही हासिल हुई थीं, इसी के चलते 60 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी को सरकार बनाने के लिए दूसरी पार्टियों से बहुमत के लिए सहयोग लेना पड़ा। बीजेपी ने NPP और कुछ निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई और एन बीरेंद्र सिंह राज्य के मुख्यमंत्री बने। जबकि इस चुनाव में कांग्रेस को 28 सीटें मिली थीं। राज्य में बहुमत के लिए 31 सीटों की जरूरत होती है।