इंफाल। मणिपुर में विधानसभा चुनाव (Manipur Assembly election) इस बार दो चरणों होने को हैं। जहां पहले चरण के लिए 28 फरवरी और दूसरे चरण में 5 मार्च को वोटिंग होगी। यहां विधानसभा की 60 सीटें हैं। फिलहाल बीजेपी सत्ता में है और एन. बीरेन सिंह मुख्यमंत्री हैं। मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 19 मार्च 2022 को खत्म होने वाला है। ऐसे में कई मतदाताओं को ये नहीं पता होगा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में कब मतदान हैं। तो आइए आपको बताते हैं कि आपके क्षेत्र में 28 फरवरी या 5 मार्च को वोटिंग है।

बता दें कि चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 9 लाख 85 हजार 119 पुरुष और 10 लाख 49 हजार 639 महिला वोटर्स हैं। वहीं, ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या 208 है। इनमें विकलांग मतदाताओं की संख्या 14 हजार 565 है, जबकि 80 साल से ज्यादा उम्र के मतदाताओं की संख्या 41 हजार 867 है। राज्य में मतदान केंद्रों की कुल संख्या 2959 है। चुनाव आयोग के मुताबिक  1 हजार 99 मतदान केंद्रों और 763 मतदान केंद्रों की पहचान संवेदनशील और महत्वपूर्ण के रूप में की गई है।

दिव्यांग और बुजुर्ग के लिए विशेष व्यवस्था

मणिपुर विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए दिव्यांग तथा 80 साल से ज्यादा उम्र के मतदाताओं के लिए सोमवार से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य विधानसभा के पहले चरण का मतदान 28 फरवरी को होगा। पोस्टल बैलेट के जरिये मतदान प्रणाली की सुविधा आवश्यक सेवाओं में सेवारत लोगों, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए शुरू की गई है। ऐसे लोगों को डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान करने की अनुमति दी गई है। इस प्रक्रिया के तहत मतदान अधिकारी 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं और दिव्यांग मतदाताओं की मदद करने के लिए उनके आवासों पर जाएंगे, ताकि मतदाताओं के इन वर्गों को मतदान के दिन मतदान केंद्रों पर आने की जरूरत नहीं होगी। वे पोस्टल बैलेट के जरिये पहले की मतदान घर बैठे कर सकेंगे। 

पहले चरण में इन सीटों पर मतदान

1-खुंद्रकपम, 2-हिंगांग, 3-खुरई, 4-खेत्रीगाओ, एस-थोंगजू, 6-केइराओ, 7-एंड्रो, 8-लमलाई, 9-थांगमीबंद, लो-उरीपोक, 1एल-सगोलबंद, एल2-कीसमथोंग, एल3- सिंगजामेई, एल4-याइसकुल, 15 वांगखेई, 16-सेकमाई (एससी), 17-लामसंग, 18-कोंथौजम, 19-पटसोई, 2ओ-लंगथाबल, 21- नौरिया पखांगलक्पा, 22-वांगोई, 23-मायंग इंफाल, 24-नंबोल, 25-ओनम, 26-बिशनपुर, 27-मोइरंग, 28-थंगा, 29-कुंबी, 46-सैकुल (एसटी), सो-कांगपोकपी, 51-सैतु (क्रम-), 55- तपैमुख (एसटी), 56-थनलोन ( एसटी), 57-हेंगलेप (एसटी), 58 चुराचांदपुर (एसटी), 59-सैकोट (एसआई), और 60-सिंघाट (एसटी)।

दूसरे चरण में इन सीटों पर वोटिंग

30-लिलोंग, 31-थौबल, 32-वांगखेम, 33-हीरोक, 34-वांगजिंग तेंथा, 35-खांगबोक, 36- वबगई, 37-काकचिंग, 38-हियांग्लम, 39-सुगनू, 40-लिरिबाम, 41-चंदेल (एसटी) ), 42- तेंगनौपाल (Sl), 43-फुंगयार (ST), 44-उखरूल (ST), 45-चिंगई (ST), 47-कारंग (SD, 48- माओ (ST), 49-तदुबी (ST) ,52-तमेई (क्रम-), 53-तामेंगलोंग (एसटी) और 54-नुंगबा (एसटी)।

बताद दें कि विधानसभा चुनाव 2017 में बीजेपी को सिर्फ 21 सीटें ही हासिल हुई थीं, इसी के चलते 60 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी को सरकार बनाने के लिए दूसरी पार्टियों से बहुमत के लिए सहयोग लेना पड़ा। बीजेपी ने NPP और कुछ निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई और एन बीरेंद्र सिंह राज्य के मुख्यमंत्री बने। जबकि इस चुनाव में कांग्रेस को 28 सीटें मिली थीं। राज्य में बहुमत के लिए 31 सीटों की जरूरत होती है।