इम्फाल। कांग्रेस (Congress) ने शुक्रवार को मणिपुर विधानसभा चुनावों (Manipur assembly elections) के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया। घोषणापत्र में कहा गया कि कांग्रेस मणिपुर की एकता और अखंडता को बनाए रखेगी और केंद्र सरकार से अंतर-राज्यीय सीमा विवादों को हल करने का आग्रह करेगी। पार्टी द्वारा शुक्रवार को जारी चुनावी घोषणापत्र में यह भी कहा गया कि वह भारत-म्यांमार सीमा पर अंतरराष्ट्रीय सीमा विवादों को भी सुलझाएगी। 

घोषणापत्र में कहा गया है कि वह राज्य में खाद्य और आवश्यक वस्तु निगम की स्थापना करेगी, कृषि नीति जारी रखेगी, न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करेगी और मुगा रेशम पार्क की स्थापना करेगी। चुनाव घोषणापत्र-2022 जारी करते हुए मणिपुर के चुनाव पर्यवेक्षक जयराम रमेश ने कहा कि दस्तावेज लोकतंत्र और विविधता के अस्तित्व के लिए प्रयासरत है। यह मणिपुरियों में विश्वास करता है, न कि नागपुर (आरएसएस मुख्यालय) को मणिपुर का स्वामी बनाने में। उन्होंने समारोह के दौरान कहा, 'मणिपुर पर मणिपुरियों को शासन करना चाहिए, न की नागपुर को।' रमेश ने कहा कि मणिपुर को आत्मनिर्भर बनाना चाहिए और सिंचाई कार्यों का आधुनिकीकरण करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अधिक नौकरियां होनी चाहिए और महिलाओं को सशक्त बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार (केंद्र और मणिपुर दोनों में सत्तारूढ़ गठबंधन का नेतृत्व करने वाली भाजपा की तरफ इशारा करते हुए) की इंजन में गड़बड़ी आ गई है और इसने मणिपुर को पटरी से उतार दिया है। 

उन्होंने कहा कि घोषणापत्र मणिपुर को पटरी पर वापस लाएगा और पिछले पांच वर्षों के अंधेरे को हटाएगा। रमेश ने वादा किया कि पार्टी हर साल घोषणापत्र के कार्यान्वयन के बारे में लोगों को सूचित करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि 'विश्वासघात और आर्थिक गतिरोध से जल्द ही मुक्ति मिलेगी।' मणिपुर के चुनाव प्रभारी भक्त चरण दास ने कहा कि घोषणापत्र राज्य के लोगों से सलाह मशविरा करने के बाद तैयार किया गया है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह (Former Chief Minister O Ibobi Singh) ने कहा कि यह दस्तावेज कांग्रेस का नीतिगत बयान है और इसे पूरी तरह से लागू किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एन लोकेन (State Congress President N Loken) ने कहा कि घोषणापत्र से विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू करने में मदद मिलेगी। कांग्रेस ने 54 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है और अपने गठबंधन सहयोगियों की सीटों पर उम्मीदवार खड़े नहीं करने के अपने निर्णय की घोषणा की है। इसने वाम दलों और जनता दल (सेक्युलर) के साथ गठबंधन किया है।