मणिपुर में विधानसभा चुनाव (Manipur Assembly Election) की घोषणा के बाद सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने राज्य में किसी तरह की रैली, जनसभा पर रोक लगा रखी है। फिर भी मणिपुर राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है। मणिपुर का 'वांगखै विधानसभा सीट'  (Wangkhei Assembly seat) महत्वपूर्ण सीटों में से एक मानी जाती है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव (Assembly elections 2017) में इस सीट पर कांग्रेस (Congress) ने जीत दर्ज की थी। 

लेकिन इस बार वांगखै सीट पर किसका कब्जा होगा यह जनता को तय करना है। इस सीट पर रविवार, 27 फरवरी 2022 को चुनाव होने हैं। बता दें कि 'वांगखै विधानसभा सीट' (Wangkhei assembly seat) मणिपुर के इंफाल ईस्ट जिले में आती है। वांगखै सीट (Wangkhei seat) पर 2017 के विधानसभा चुनाव में कुल 56.48 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इस सीट पर कांग्रेस (Congress)के ओकराम हेनरी सिंह  (Okram Henry Singh) ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रत्यासी युम्खम रेबोट सिंह  (Yumkham Erabot Singh) को 4336 वोटों के हराया था।

गौर हो कि 'वांगखै विधानसभा सीट' आंतरिक मणिपुर के अंतर्गत आती है। इस संसदीय क्षेत्र के सांसद के के रंजन सिंह (MP KK Ranjan Singh) हैं, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता हैं। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) में कांग्रेस के ओइनम नबा किशोर सिंह (Oinam Naba Kishore Singh) को 17755 वोटों से  हराया था।

बता दें कि 1967 से अबतक 'वांगखै विधानसभा सीट' (Wangkhei assembly seat) पर 12 बार चुनाव हुए हैं जिसमें 6 बार कांग्रेस ने जीत हासिल की है। वहीं बीजेपी ने इस सीट पर सिर्फ एक बार साल 2000 में जीत दर्ज की है। इस सीट पर कांग्रेस लगातार 2007 जीतती आ रही है। बता दें कि राज्य में बीजेपी की सरकार है और एन. बीरेन सिंह मुख्यमंत्री (N. Biren Singh Chief Minister) है। बीजेपी राज्य में फिर से सत्ता पाने के लिए अपना पूरा जोर लगाएगी। गौरतलब है कि कि मणिपुर में इस बार दो चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। पहले चरण के लिए 27 फरवरी और दूसरे और अंतिम चरण के लिए 3 मार्च को वोटिंग होगी। वहीं मतो की गिनती 10 मार्च को होगी।