नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफिउ रियो ने राज्य के अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में रहने वाले हर नगा को समान विशेषाधिकार और सुरक्षा प्रदान करने के लिए नागा शांति समझौते की आवश्यकता को रेखांकित किया है। 

बुधवार को मणिपुर के सेनापति में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नगा आंदोलन पूरी तरह विफल नहीं है और यह पहले से ही आंशिक सफल रहा है।

हमें यह नहीं कहना चाहिए कि नगा आंदोलन पूरी तरह से विफल है। यह पहले से ही आंशिक सफल  है। केंद्र सरकार के साथ मेरी चर्चा के बाद के बाद मैं कह सकता हूं कि अगर हम अब सामूहिक और एकजुट होकर समझौता कर सकते हैं यह तो हमारे युवाओं के लिए कई अवसर और मंच प्रदान करेंगे । 

रियो ने कहा कि यह हमारे लिए बड़ी चीजें हैं कि केंद्र सरकार ने हमारे अद्वितीय इतिहास को मान्यता दी है और नागा आंदोलन को एक राजनीतिक मुद्दे के रूप में मान्यता दी है 

उन्होंने कहा कि देश में ऐसा कोई राज्य नहीं है  हां नागालैंड राज्य की तरह इतने विशेषाधिकार और सुरक्षा दी गई हो। उन्होंने कहा कि नागा न केवल नागालैंड में हैं बल्कि वे असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में भी हैं। रियो ने कहा, "हम चाहते हैं कि भारत में रहने वाले सभी नागाओं को समान विशेषाधिकार और सुरक्षा प्रदान की जाए।"

रियो ने कहा कि नागालैंड चाहता है कि म्यांमार के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा और अपने पड़ोसियों के साथ अंतर-राज्य की सीमाओं को छोड़कर राज्य से AFSPA को हटाया जाए।

रियो ने पिछले दिसंबर में नागालैंड में असम राइफल्स द्वारा सेना के विशेष बलों द्वारा ओटिंग में 13 और मोन में एक अन्य व्यक्ति की हत्या को सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम के कारण की गई गलती करार दिया।