मणिपुर में विधानसभा चुनाव (Manipur Assembly Election) की घोषणा के बाद सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने राज्य में किसी तरह की रैली, जनसभा पर रोक लगा रखी है। फिर भी मणिपुर राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है। मणिपुर का 'सिंगजमेई विधानसभा सीट'  (Singjamei assembly seat) महत्वपूर्ण सीटों में से एक मानी जाती है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव (Assembly elections 2017) में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जीत दर्ज की थी। 

लेकिन इस बार सिंगजमेई सीट पर किसका कब्जा होगा यह जनता को तय करना है। इस सीट पर रविवार, 27 फरवरी 2022 को चुनाव होने हैं। बता दें कि 'सिंगजमेई विधानसभा सीट' (Singjamei assembly seat) मणिपुर के इंफाल वेस्ट जिले में आती है। सिंगजमेई सीट (Singjamei seat) पर 2017 के विधानसभा चुनाव में कुल 53.84 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के यमनम खेमचंद सिंह  (Yumnam Khemchand Singh) ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्यासी इरेंग्बम हेमोचंद्र सिंह  (Irengbam Hemochandra Singh) को 1834 वोटों के हराया था।

गौर हो कि 'सिंगजमेई विधानसभा सीट' आंतरिक मणिपुर के अंतर्गत आती है। इस संसदीय क्षेत्र के सांसद के के रंजन सिंह (MP KK Ranjan Singh) हैं, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता हैं। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) में कांग्रेस के ओइनम नबा किशोर सिंह (Oinam Naba Kishore Singh) को 17755 वोटों से  हराया था।

बता दें कि 1967 से अबतक 'सिंगजमेई विधानसभा सीट' (Singjamei assembly seat) पर 12 बार चुनाव व एक बार उपचुनाव हुए हैं जिसमें 6 बार कांग्रेस ने जीत हासिल की है। वहीं बीजेपी ने इस सीट पर दो बार साल 2000 और 2017 में जीत दर्ज की है। 2012 के विधानसभा चुनाव में यहां कांग्रेस ने जीत हासिल हुई थी। 2017 में बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। बता दें कि राज्य में बीजेपी की सरकार है और एन. बीरेन सिंह मुख्यमंत्री (N. Biren Singh Chief Minister) है। बीजेपी राज्य में फिर से सत्ता पाने के लिए अपना पूरा जोर लगाएगी। गौरतलब है कि कि मणिपुर में इस बार दो चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। पहले चरण के लिए 27 फरवरी और दूसरे और अंतिम चरण के लिए 3 मार्च को वोटिंग होगी। वहीं मतो की गिनती 10 मार्च को होगी।