मणिपुर में एक पत्रकार और एक राजनीतिक कार्यकर्ता के लिए कोरोना के कारण हुई बीजेपी नेता की मौत पर विवादास्पद सोशल माडिया पोस्ट करना भारी पड़ गया। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मणिपुर के पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम और राजनीतिक कार्यकर्ता एरेंड्रो लीचोम्बम को गुरुवार रात उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के खिलाफर राज्य भाजपा के उपाध्यक्ष उषाम देबन और महासचिव पी प्रेमानंद मीतेई ने शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों को 17 मई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

शिकायत के अनुसार, दोनों ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सैखोम टिकेंद्र सिंह की मौत पर आपत्तिजनक पोस्ट की थी। उन्होंने कहा, "गोबर और गोमूत्र काम नहीं करते।" पत्रकार वांगखेम को उनके सोशल मीडिया पोस्ट पर दो अलग-अलग मामलों में दो बार गिरफ्तार किया गया था। मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत देशद्रोह का आरोप लगाया था।

पिछले हफ्ते, वायरस से बचाव के लिए लोगों के एक समूह की गाय के गोबर से अपने शरीर को पोंछने की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित की गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जो बताता हो कि गाय का गोबर वायरस के खिलाफ प्रभावी है। आपको बता दें कि गायों की सुरक्षा और भलाई भाजपा के मुख्य एजेंडे में से एक है।