मणिपुर पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग 37 (इम्फाल-जिरीबाम मार्ग) के पास अगवा किए दो ड्राइवरों को उग्रवादियों संगठन से बचा लिया है। एक ठेकेदार ने राज्य सरकार के कृषि विभाग के उर्वरकों को जिरीबाम से इम्फाल तक फेरी लगाने के लिए इम्फाल पूर्वी जिले के खुरई क्षेत्र के थंगजाम पाल (42) और मैबाम मणि (45) को काम पर रखा था। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि राज्य स्तरीय ट्रांसपोर्टरों और चालकों के निकाय और खुरई स्थानीय क्लब के नेता दोनों को नोनी जिले से इंफाल ले आए। ऐसे में स्थानीय क्लब ने चालकों के अपहरण के विरोध में खुराई लामलोंग बाजार में बंद रखा था, जिससे इलाके में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था।

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गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में पूर्वोत्तर में उग्रवाद और नागरिकों की मौत को लेकर बड़ा दावा किया गया है। इसमें बताया गया है कि पिछले आठ साल में पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद की घटनाओं में 80 फीसदी तक की कमी आई है। ऐसे ही सुरक्षा बलों के हताहत कर्मियों की संख्या में भी 75 फीसदी तक की गिरावट हुई है। वहीं, नागरिकों की मृत्यु की बात करें तो उसमें भी 99 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

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गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, 2014 के बाद से पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। 2020 में पिछले दो दशकों के दौरान उग्रवाद, नागरिकों व सुरक्षाबलों के कर्मियों के हताहत होने के सबसे कम मामले सामने आए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2014 की तुलना में 2020 में उग्रवाद की घटनाओं में 80 फीसदी की कमी आई है। इसी तरह इस दौरान सुरक्षा बलों के हताहतों में 75 फीसदी और नागरिकों की मौत के मामलों में 99 फीसदी की कमी आई है।