कांग्रेस ने मणिपुर उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए बुधवार को निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि प्रदेश के सत्तारूढ़ पक्ष के उन 12 विधायकों को जल्द अयोग्य ठहराया जाए, जिन्हें ‘गैरकानूनी और असंवैधानिक ढंग से’ संसदीय सचिव बनाया गया था। पार्टी के प्रदेश प्रभारी भक्त चरण दास और कुछ अन्य नेताओं ने निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर इस मामले में जल्द से जल्द फैसला करने का आग्रह किया। 

दास ने संवाददाताओं से कहा, ‘मणिपुर उच्च न्यायालय ने सितंबर महीने में जो आदेश दिया था, उससे स्पष्ट है कि इन विधायकों को संसदीय सचिव बनाया जाना गैरकानूनी और असंवैधानिक था। हमने विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला से आग्रह किया था जिसके बाद उन्होंने इस मामले पर निर्वाचन आयोग की राय मांगी थी।’ 

उन्होंने कहा, ‘हमने आज आयोग से आग्रह किया कि विधायकों को जल्द अयोग्य ठहराया जाए। आयोग ने विश्वास दिलाया है कि इस मामले में जल्द उचित फैसला होगा।’