मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने राज्य में सक्रिय नशीली दवाओं के सभी तस्करों को कड़ी चेतावनी देते हुए शुक्रवार को कहा कि वे या तो आत्मसमर्पण करें या परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। चुनाव के बाद सत्ता में वापसी करने वाले सिंह ने अपने कैबिनेट सचिवालय में मीडिया से कहा कि सरकार सभी मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि इम्फाल ईस्ट पुलिस और हाल ही में गठित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की एक टीम ने गुरुवार को कथित अवैध ड्रग डीलरों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान मोहम्मद मुजीबुर रहमान और मोहम्मद शेर खान के रूप में की गयी है। टीम ने उनके पास से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किये, जिनकी कीमत स्थानीय बाजार में 1.9 करोड़ रुपये और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नौ करोड़ रुपये है। जब्त की गई सामग्रियों में 67,000 एसपी कैप्सूल, 350 डब्ल्यूवाई टैबलेट्स , 115 एन10 टैबलेट और 135 ग्राम हेरोइन पाउडर तथा कफ सीरप के आठ बोतल शामिल थे। 

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उन्होंने कहा कि पुलिस को नशा तस्करों का पीछा करना चाहिए और यह बहाना नहीं बनाना चाहिए कि वे फरार हो गए हैं। सिंह ने कहा, पोस्त की फसल की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा और जहां भी जरूरत होगी केंद्रीय बलों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा, मणिपुर पुलिस नशीली दवाओं के खतरे को रोकने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, लेकिन इसे पूरी तरह से रोकने का मकसद अभी तक पूरा नहींं हुआ है। राज्य में दूसरी बार भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बड़े पैमाने पर इस अपराध के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए तैयार है। उन्होंने पुलिस से इस दिशा में काम करने वाले वकीलों को सुरक्षा मुहैया कराने का भी निर्देश दिया ताकि वे बिना किसी डर के अपना काम कर सके। इसके अलावा, सभी थानों, नारकोटिक्स एंड अफेयर्स ऑफ बॉर्डर (एनएबी) और अन्य सभी एजेंसियों को नशीले पदार्थों की तस्करी को बड़े पैमाने पर रोकने के निर्देश जारी किए गये हैं।