मणिपुर में विधानसभा चुनाव (Manipur Assembly Election) की घोषणा के बाद सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने राज्य में किसी तरह की रैली, जनसभा पर रोक लगा रखी है। फिर भी मणिपुर राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है। मणिपुर का 'वांगजिंग टेंथ विधानसभा सीट'  (Wangjing Tentha assembly seat) महत्वपूर्ण सीटों में से एक मानी जाती है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव (Assembly elections 2017) में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जीत दर्ज की थी। इस बार सीधा मुकाबला कांग्रेस के एम. हेमंता सिंह (M. Hemanta Singh) और बीजेपी के पोओनम ब्रोजेन सिंह (Paonam Brojen Singh) के बीच है। 

लेकिन इस बार वांगजिंग टेंथ सीट पर किसका कब्जा होगा यह जनता को तय करना है। इस सीट पर गुरुवार, 03 मार्च, 2022 को चुनाव होने हैं। वांगजिंग टेंथ सीट (Wangjing Tentha seat) पर 2020 के उपचुनाव में कुल 51.84 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के ओइनम लुखोई सिंह  ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्यासी मोइरंगथेम हेमंत सिंह को सिर्फ 2 वोटों के हराया था।

गौर हो कि 'वांगजिंग टेंथ विधानसभा सीट' बाहरी मणिपुर के अंतर्गत आती है। इस संसदीय क्षेत्र के सांसद Lorho S. Pfoze हैं, जो नागा पीपुल्स फ्रंट के नेता हैं। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) में बीजेपी के शोखोपाओ मेट (बेंजामिन) को 73782 वोटों से  हराया था।

बता दें कि 1972 से अबतक 'वांगजिंग टेंथ विधानसभा सीट' पर 11 बार चुनाव व एक बार उपचुनाव हुए हैं जिसमें 3 बार कांग्रेस ने जीत हासिल की है। वहीं बीजेपी ने इस सीट पर एक बार साल 2020 में जीत दर्ज की है। 2017 में चुनाव में यहां से कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। बता दें कि राज्य में बीजेपी की सरकार है और एन. बीरेन सिंह मुख्यमंत्री (N. Biren Singh Chief Minister) है। बीजेपी राज्य में फिर से सत्ता पाने के लिए अपना पूरा जोर लगाएगी। गौरतलब है कि कि मणिपुर में इस बार दो चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। पहले चरण के लिए 27 फरवरी और दूसरे और अंतिम चरण के लिए 3 मार्च को वोटिंग होगी। वहीं मतो की गिनती 10 मार्च को होगी।