मणिपुर में 11 विपक्षी दलों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ 11 दिनों का विशाल आंदोलन शुरू करने के लिए हाथ मिलाया है। विपक्षी दलों ने कहा कि यह आंदोलन 19 पार्टियों द्वारा "राष्ट्र के गणतंत्र, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने के लिए" बुलाए जा रहे 11 दिनों के राष्ट्रव्यापी विरोध के समर्थन में है।

मणिपुर में विपक्षी दलों का यह बड़ा आंदोलन अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए पार्टियों की तैयारियों के बीच आया है। जिन दलों ने मणिपुर में आंदोलन शुरू किया है, वे हैं: कांग्रेस, CPI, MPP, NCP, JD-S, CPI-M, RSP, AITC, BSP, PRJA और AIFB । मणिपुर कांग्रेस ने कहा कि आंदोलन के दौरान पार्टियां एनडीए सरकार की विफलताओं को उजागर करेंगी।कांग्रेस ने आगे भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को नष्ट करने का आरोप लगाया है। इन पार्टियों ने कोविड-19 वैक्सीन उत्पादन और टीकाकरण में और तेजी लाने की मांग की है। उन्होंने उन परिवारों को मुआवजे के भुगतान की भी मांग की है जिनके सदस्य की कोविड-19 के कारण मृत्यु हो गई थी।