मणिपुर हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ मणिपुर से कहा है कि वह COVID 19 महामारी के कारण संकट में फंसे एडवोकेटों को वित्तीय मदद देने के लिए राशि जारी करे। न्यायमूर्ति लनुसुंग्कुम जमीर और न्यायमूर्ति केएच नोबिन सिंह की खंडपीठ ने ऑल मणिपुर बार एसोसिएशन और दो एडवोकेटों की एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। इस याचिका में राज्य सरकार, बार काउंसिल ऑफ मणिपुर से संकट में फंसे वकीलों की सहायता करने को कहा था। 

राज्य अथॉरिटीज ने भी एक हलफनामा दायर किया और कहा कि बार काउंसिल ऑफ मणिपुर ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया से संपर्क कर वित्तीय संकट में फंसे वकीलों की मदद की अनुमति मांगी थी। ऐसे में उसे बार काउंसिल ऑफ इंडिया में मौजूद फंड का 20% हिस्सा निकालने की इजाजत दे दी थी। वहीं कोर्ट ने कहा कि आदेश के बाद काउंसिल राज्य सरकार से भी मदद के लिए अपना प्रस्ताव भेज सकता है। 

बता दें कि कोरोना वायरस के कारण दो महीने पहले जब लॉकडाउन शुरू हुआ तो देश भर में अदालतों में कामकाज लगभग खत्म हो गया। इसकी वजह से कई बार बार काउंसिल ने वकीलों की आजीविका के छिन जाने की बात कही है। इस समस्या से निपटने के लिए कई कोर्ट सामने आया और संकट में फंसे वकीलों को राहत पहुंचाने के लिए योजना तैयार की।