मणिपुर विधानसभा चुनाव (Manipur Assembly election) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने नई दिल्ली के पार्टी मुख्यालय में एक बड़ी बैठक की।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नड्डा-शाह की इस बड़ी बैठक में भाजपा (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव संगठन - बी एल संतोष (B L Santosh) के अलावा मणिपुर (Manipur) के लिए चुनाव प्रभारी बनाए गए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupendra yadav) और पार्टी के राज्य प्रभारी संबित पात्रा (Shambit patra) भी मौजूद थे।

विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (Chief Minister N Biren Singh) को भी इस बैठक में बुलाया गया था। यह बैठक शुक्रवार को नई दिल्ली के पार्टी मुख्यालय में देर शाम बुलाई गई थी और आधी रात के बाद तक बैठ कर अमित शाह (Amit Shah) और जेपी नड्डा (JP Nadda) ने मणिपुर में विधानसभा चुनाव जीतने की रणनीति पर विचार विमर्श किया।

बताया जा रहा है कि बैठक में राज्य की राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया। प्रदेश की सभी 60 सीटों पर राजनीतिक समीकरणों पर भी चर्चा की गई।

2017 के विधानसभा चुनाव (2017 assembly elections) में भाजपा (BJP) को मणिपुर (manipur) में 60 में से 21 सीटों पर जीत हासिल हुई थी लेकिन निर्दलीय और क्षेत्रीय दलों के विधायकों का समर्थन जुटा कर भाजपा (BJP) ने कुल 32 विधायकों के समर्थन के साथ राज्य में पहली बार सरकार बनाई थी।

भाजपा अब इस पूर्वोत्तर राज्य (North east state) में 2017 के मुकाबले ज्यादा सीटें जीतकर दोबारा से सरकार बनाना चाहती है। संगठन को मजबूत करने के मकसद से भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP nadda) ने कुछ महीने पहले ही प्रदेश अध्यक्ष को भी बदल दिया था।

राज्य में भाजपा गठबंधन का मुख्य मुकाबला कांग्रेस (congress) पार्टी से होना है। एनपीएफ (NPF) भी जोर-शोर से विधानसभा चुनाव (Assembly election) की तैयारी कर रही है। हालांकि विधायकों और पार्टी नेताओं के लगातार पलायन की वजह से कांग्रेस (congress)  राज्य में पहले के मुकाबले काफी कमजोर हो गई है।