दो दशक बाद जदयू एक बार फिर मणिपुर में सरकार (JDU's Government in Manipur) बनाने की कवायदों में जुट गया है। इसको लेकर वह गंभीर कोशिश करेगा। पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केसी त्यागी (KC Tyagi) ने कहा कि उस राज्य की परिस्थिति जदयू के अनुकूल है। समाजवादी पृष्ठभूमि की पार्टियों में सिर्फ वहां सिर्फ जदयू ही सक्रिय है। मालूम हो कि 2001 में मणिपुर में जदयू की पूर्ववर्ती समता पार्टी की सरकार बनी थी। 

उसके बाद से जदयू की सरकार वहां नहीं बन पाई है। त्यागी ने बताया कि वह और पार्टी के सांसद रामप्रीत मंडल गुरुवार को मणिपुर जा रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह एवं राष्ट्रीय महासचिव आफाक अहमद भी जल्द ही मणिपुर में कैंप करेंगे। उन्होंने कहा कि वहां फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव है। कोशिश होगी कि अगली सरकार जदयू की बने।

त्यागी ने इस दौरान उत्‍तप्रदेश के लखिमपुर खिरी कांड की निंदा की। उन्‍होंने कहा कि कहा कि संयम बरतने से वहां हादसे को टाला जा सकता था। उन्‍होंने कहा कि घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और किसान यूनियन के बीच हुए समझौते को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Aditya Nath) पूरी तरह लागू कराएं। साथ ही यह मांग कर दी कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र टेनी का नाम साजिशकर्ता के तौर पर दर्ज करें। समझौते में टेनी के पुत्र पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की भी शर्त है। त्‍यगी ने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए धैर्य बहुत जरूरी है।