शहर कोतवाली और स्वाट टीम ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के 13 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से दस लग्जरी कारें, दस बाइक, आरसी और फर्जी नंबर प्लेट मिली हैं। गिरोह का नेटवर्क बिजनौर, मणिपुर, असम समेत कई राज्यों में फैला है। आरोपित चोरी के बाद गाड़ी के फर्जी आरसी और चेसिस नंबर बदलकर कारों को पूर्वोत्तर राज्यों में बेच देते थे। गिरफ्तार आरोपितों में गैंग का सरगना मेरठ के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के सिखैड़ा गांव का महेंद्र उर्फ घोड़ा भी शामिल है।

शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी डा. धर्मवीर सिंह ने बताया कि पुलिस और स्वाट टीम ने अंतरराज्यीय गिरोह का राजफाश किया है। उनके पास से बुलेरो, थार, शेरवले बीट, हुंडई, ब्रेजा समेत दस कारें मिली है, जो बिजनौर व फरीदाबाद (हरियाणा) से चोरी की गई हैं। गिरोह के कुछ सदस्य कारें चोरी करते हैं, जबकि सरगना महेंद्र उर्फ घोड़ा चोरी के वाहनों को खरीदकर उनका चेसिस नंबर बदलवाकर, फर्जी आरसी और नंबर प्लेट तैयार कर पूर्वोत्तर राज्यों में बेच देता था। इस गिरोह के हर सदस्य का काम बंटा हुआ था। एक नंबर पर दो-दो गाड़ी तैयार करते थे। एसपी ने बताया कि गैंग को इंटर स्टेट में पंजीकृत किया जा रहा है। इनकी एचएस भी खुलवाई जा रही है। एक आरोपित दीपक सैनी निवासी हापुड़ जिला पर 25 हजार रुपये का इनाम था।

मेरठ के थाना परीक्षितगढ़ के गांव सिखैड़ा निवासी महेंद्र उर्फ घोड़ा, मवाना क्षेत्र के गांव भैंसा निवासी शाहिद, मवाना के मोहल्ला कल्याण सिंह निवासी मोहम्मद शाहिद, हापुड़ जिले के गोयना गांव निवासी दीपक सैनी, थाना गढ़मुक्तेश्वर के गांव ठाकुरों वाला कस्बा निवासी अंकित ठाकुर, हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव चौकपुरी निवासी दीपक उर्फ सचिन, नूरपुर रहमानपुर पुरैना गांव निवासी ऋषभ उर्फ छोटू, धामपुर के सरकड़ा गांव निवासी शहजाद, चांदपुर के कमालपुर गांव निवासी अमित त्यागी, मणिपुर थाना खोउपुम के गांव बिटियांग लाफोक निवासी फुंगानगम, मणिपुर के जिला इंफाल के थाना वानगोई निवासी नवाज खान, हरिद्वार (उत्तराखंड) के गांव मंगलौर के मोहल्ला बाहरकिला निवासी मनव्वर व राजस्थान के नवलपुर गांव निवासी जयराम हैं।