कर्नाटक में हिजाब पर प्रतिबंध के विरोध में काकचिंग जिले के मुस्लिम बहुल सोरा ट्वेन में करीब 200 नाराज मैती पंगल (Meitei Muslims) की छात्राओं ने रैली निकाली। विरोध ऑल मणिपुर मुस्लिम गर्ल स्टूडेंट्स यूनियन (AMMGSU) द्वारा आयोजित किया गया था, मार्च सोरा शहर से शुरू हुआ और उपायुक्त (काकचिंग) के कार्यालय की ओर बढ़ा।
हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में ही रोक दिया। AMMGSU के सलाहकार और प्रमुख कार्यकर्ता Khuleibam Rukshar Choudhury ने कहा कि ''उन्होंने हिजाब पर प्रतिबंध का कड़ा विरोध किया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा भड़काया जा रहा है ''।
इस बीच, Chief Justice NV Ramana ने हिजाब मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को चुनौती देने वाले एक याचिकाकर्ता के वकील से मौखिक रूप से कहा कि क्या इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर लाना उचित है।
वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने प्रस्तुत किया कि High Court ने छात्रों को अपनी धार्मिक पहचान का खुलासा करने से रोक दिया है, जिसके परिणामस्वरूप Article 25 को निलंबित कर दिया गया है और इसके बड़े परिणाम होंगे।

"अदालत पहले से ही मामले की सुनवाई कर रही है"। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रस्तुत किया कि High Court का आदेश अभी तक सामने नहीं आया है और इसे इस मुद्दे पर फैसला करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
Solicitor General Tushar Mehta ने जोर देकर कहा कि इस मामले को न तो धार्मिक बनाया जाना चाहिए और न ही राजनीतिक। मुख्य न्यायाधीश ने मौखिक रूप से कहा, "इन बातों को बड़े स्तर पर न फैलाएं... हम इस पर कुछ भी व्यक्त नहीं करना चाहते हैं "।
Justice Ramana ने कामत को बताया कि "हम इसे देख रहे हैं, और हम जानते हैं कि क्या हो रहा है। सोचो, क्या इसे राष्ट्रीय स्तर पर लाना उचित है?"