स्थानीय उत्पादों के साथ ही साथ गुजरात, मणिपुर और नागालैंड के हस्तशिल्पियों ने लोगों का दिल जीत लिया। न सिर्फ आकर्षक उत्पाद, बल्कि वहां के लोगों की वेशभूषा और भाषा के जरिए भी देश की सांस्कृतिक विरासत नजर आई। इसके अलावा खाने-पीने के भी अलग-अलग स्टॉल सजे हुए थे। जहां शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के व्यंजन थे।

शुक्रवार से नुमाइश मैदान पर हुनर हाट की शुरुआत हो गई। लोकल फॉर वोकल थीम पर आधारित इस हुनर हाट में देश के विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्प कलाकार प्रतिभाग कर रहे हैं, जो अपने-अपने राज्यों एवं जिलों के मशहूर उत्पादों के साथ यहां पहुंचे हैं। हुनर हाट में गुजरात की कालीन ने लोगों को खासा आकर्षित किया। आकर्षक डिजाइनों से सजी यह कालीन लोगों को खूब पसंद आईं। 

इसके अलावा नागालैंड और मणिपुर का लकड़ी का काम लोगों को बहुत पसंद आया। हस्तशिल्पियों की कलाकारी ने लोगों का दिल जीत लिया। बड़ी तादात में लोगों ने पूछताछ की। गुजरात की सूत कातने की कारीगरी भी लोगों को खूब पसंद आई। सहारनपुर के लकड़ी के उत्पाद भी लोगों को बेहद पसंद आए। खादी के कपड़े और जरी पेचवर्क का काम भी लोगों को खूब पसंद आया। यही नहीं खाने-पीने के लिहाज से भी हुनर हाट में मुकम्मल इंतजाम हैं। चाय के होटल और ढाबों के अलावा राज्यों की विशेष चीजें लोगों का दिल जीत रही हैं। पंजाब की रसोई, बिहार का लिट्टी चोखा, जम्मू कश्मीर के ड्राईफ्रुट, दिल्ली का नॉनवेज तंदुर लोगों को खूब पसंद आया। हालांकि, लोगों ने ज्यादा आनंद चाय और कॉफी का लिया।