मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार असहाय लोगों को ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करने पर विचार कर रही है ताकि उन्हें व्यवसाय शुरू करने और सम्मानजनक जिंदगी जीने में आसानी हो सके। सिंह ने इंफाल पूर्व के सिटी कन्वेंशन सेंटर में एडीआईपी योजना के तहत दिव्यांगों के लिए सहायता और सहायक उपकरणों के दो दिवसीय वितरण शिविर के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर उक्त बातें कही। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दूसरे की मदद करने से बड़ा कोई कर्म नहीं है इससे जीवन में शांति मिलती है। इसलिए राज्य सरकार मानवता की सेवा के लिए अपना ध्यान केन्द्रित कर रही है। सीएमएचटी और सीएमएसटी को जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए लगाया गया है। मुख्यमंत्री अलग-अलग तरह के दिव्यांग और असहाय की मदद कर रहे हैं। राज्य की मौजूदा वित्तीय स्थिति हालांकि अच्छी नहीं है, लेकिन राज्य सरकार इन योजनाओं को लागू कर हर साल 10 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जरुरत मंद लोगों के बारे में पता लगा रही है और गो टू विलेज और गो टू हिल मिशन के तहत अलग-अलग लोगों का पता लगा रही है। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारियों से उन लोगों की पहचान करने को कहा जिन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभान्वित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 41,000 चिकित्सा पेशेवरों और अन्य लोगों की पहचान की है, जो कोविड-19 वैक्सीन के पहले लाभार्थी होंगे। उन्होंने बताया कि वैक्सीन आने के तुरंत बाद टीकाकरण शुरू करने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान महामारी के कारण स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों को पूरा करने के लिए 100 डॉक्टरों को दैनिक वेतन आधार पर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि एमपीएससी के माध्यम से 300 नियमित डॉक्टरों की भर्ती के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू हो चुकी हैं।