कथित विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (FCRA) घोटाला मामले में मणिपुर स्थित रिफॉर्म्ड प्रेस्बिटेरियन चर्च नॉर्थईस्ट इंडिया के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मणिपुर स्थित रिफॉर्म्ड प्रेस्बिटेरियन चर्च नॉर्थईस्ट इंडिया उन दस एनजीओ में शामिल है, जिन्हें कथित एफसीआरए घोटाले से संबंधित प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है।

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मणिपुर स्थित रिफॉर्म्ड प्रेस्बिटेरियन चर्च नॉर्थ ईस्ट इंडिया के महासचिव लुंगविरुओल ख्वाबुंग का भी नाम एफआईआर में है। गुवाहाटी स्थित नई रोशनी फाउंडेशन का भी नाम एफआईआर में है, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। बता दें कि विदेशी फंड प्राप्त करने के लिए FCRA अनिवार्य है। FCRA इकाई गृह मंत्रालय के विदेश विभाग का हिस्सा है और ये पंजीकरण के नवीनीकरण, वार्षिक रिटर्न दाखिल करने और यहां तक ​​कि नए पंजीकरण जैसी सेवाएं देता है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन हैं।

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विशेष रूप से सीबीआई ने एफसीआरए लाइसेंस के पंजीकरण और नवीनीकरण की कथित रूप से साजिश रचने के लिए कथित एफसीआरए घोटाला मामले में अमेरिका स्थित ओमिडयार सहित 10 गैर सरकारी संगठनों को आरोपी के रूप में नामित किया है। सीबीआई ने विभिन्न गैर सरकारी संगठनों और गृह मंत्रालय (एमएचए) के अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ के खिलाफ देशव्यापी कार्रवाई शुरू की है। रिपोर्टों के अनुसार, एफसीआरए डिवीजन से जुड़े कम से कम छह एमएचए अधिकारियों ने कथित तौर पर हवाला चैनलों के माध्यम से भुगतान की गई रिश्वत के बदले लाइसेंस देने और नवीनीकरण की सुविधा के लिए प्रमोटरों और कुछ गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ साजिश रची। यह मामला बुधवार को छह सरकारी अधिकारियों समेत 14 लोगों की गिरफ्तारी के साथ सामने आया। एक अधिकारी को भी हिरासत में लिया गया है। एजेंसी ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, असम और मणिपुर में लगभग 40 स्थानों पर तलाशी के दौरान 3.21 करोड़ रुपये की नकदी भी जब्त की।