इंफाल। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा (Chief Election Commissioner Sushil Chandra) ने मंगलवार को कहा कि चुनाव आयोग (ECI) स्वतंत्र, निष्पक्ष, सुलभ, समावेशी और प्रलोभन मुक्त चुनाव कराने को लेकर पूरीतरह प्रतिबद्ध है। चंद्रा ने यहां होटल क्लासिक ग्रांड में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आयोग बदनियती रखने वाले अधिकारियों की गलतियां बर्दाश्त नहीं करेगा। आयोग पक्षपाती रवैया रखने वाले अधिकारियों के लिए जीरो-टॉलरेंस की नीति रखता है। 

चंद्रा ने बताया कि आयोग ने वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग मतदाताओं, कोरोना संक्रमितों/संदिग्धों और आवश्यक सेवाओं वाले व्यक्तियों के लिए पोस्टल बैलट की सुविधा का विस्तार किया है। कम से कम 487 महिला मतदान केंद्र स्थापित किये जाएंगे। सभी मतदान केंद्रों में शौचालय, रैंप और पेयजल की सुविधा दी जाएगी व कोरोना प्रतिबंधों का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन एजेंसियों को निगरानी बढ़ाने के लिए कहा गया है ताकि शराब, ड्रग्स, नकदी आदि की अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर आवाजाही पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जाए और चुनावी प्रक्रिया गैरकानूनी गतिविधियों से प्रभावित न हो। 

निर्वाचन आयोग (Election commission) ने राज्य में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (Central Industrial Security Force) और तीन विशेष पर्यवेक्षकों को तैनात किया है जो चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं की निगरानी करेंगे। संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा, निर्वाचन अधिकारी राजीव कुमार और अनूप चंद्रा पांडे ने कहा कि मणिपुर (Manipur) में मतदान प्रतिशत अच्छा रहा है। वर्ष 2017 विधानसभा चुनावों में 86.36 प्रतिशत मतदान हुआ था जबकि 2019 लोकसभा चुनावों में 82.78 प्रतिशत वोट डाला गया था। 

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की टीम ने तृणमूल कांग्रेस (TMC), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC), बहुजन समाज पार्टी (BSP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, नेशनल पीपल्स पार्टी और नागा पीपल्स फ्रंट के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है। राजनीतिक दल स्वतंत्र, निष्पक्ष और प्रलोभन मुक्त चुनाव चाहते हैं। उन्होंने राज्य में चुनावों को प्रभावित करने के लिए धन और बाहुबल के उपयोग के बारे में आशंका व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ज्यादातर पार्टियों ने मतदान केंद्रों पर कब्जे की किसी घटना को रोकने के लिए असुरक्षित क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की। 

चंद्रा ने कहा कि 'ईज ऑफ वोटिंग' (ease of voting) चुनावों का आदर्श होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में 2,968 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। कोविड महामारी को ध्यान में रखते हुए पिछले चुनावों से 174 मतदान केंद्र ज्यादा स्थापित किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों में वृद्धि का उद्देश्य उन्हें यथासंभव मतदाताओं के करीब लाना है। प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या कम की गई है। श्री चंद्रा ने कहा कि 2968 में से 2400 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग (इंटरनेट के जरिये लाइव प्रसारण) की व्यवस्था की जाएगी। 115 आदर्श मतदान केंद्र होंगे। राज्य में लगभग 21,935 सेवा मतदाताओं का मानचित्रण किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सौ-वर्षीय मतदाताओं की संख्या 749 हैं, जिनमें सेनापति जिले में सबसे अधिक 110 सौ-वर्षीय मतदाता हैं। 

उन्होंने कहा कि आयोग ने इस बार दूर-दराज के इलाकों में मतदान केंद्रों पर भी विशेष ध्यान दिया है। तामेंगलोंग जिले में 17 मतदान केंद्र हैं जहां मतदान दलों को मतदान केंद्रों तक पहुंचने के लिए 20 किमी से अधिक पैदल चलना होगा। इसके अलावा बिष्णुपुर जैसे जिलों में द्वीपों पर स्थित मतदान केंद्र हैं। आयोग ने निर्देश दिया है कि ऐसे मतदान केंद्रों के लिए नावों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और मतदान दलों के साथ एक नोडल सुरक्षा अधिकारी तैनात किया जाए। श्री चंद्रा ने कहा कि मणिपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मिशन 300 कार्यक्रम के तहत लगभग 300 कम मतदान वाले मतदान केंद्रों की पहचान की गई है। एक केंद्रित बूथ स्तरीय कार्य योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी राजनीतिक दलों ने उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास प्रकाशित किये हैं। 

उन्होंने कहा कि आयोग धन बल या सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के प्रति जीरो टॉलरेंस रखता है। चुनाव की घोषणा के बाद से अब तक राज्य में 97.6 करोड़ रुपये की बरामदगी हुई है, जिसमें 1.48 करोड़ रुपये नकद, 40 लाख रुपये की शराब, 81.5 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ और 14.2 करोड़ रुपये का सोना व मुफ्त उपहार शामिल है। उन्होंने कहा कि आयोग विभिन्न उम्मीदवारों के लिए खतरे की धारणा का आकलन करने के बाद उम्मीदवारों की जांच करेगा और उन्हें आवश्यक सुरक्षा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि असम राइफल्स महानिदेशक को गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए मजबूत सीमा जांच की एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के लिए कहा गया है। मणिपुर में 27 फरवरी और तीन मार्च को दो चरणों में मतदान होगा।