मणिपुर की एक स्थानीय अदालत ने 10 साल पहले अपनी गर्भवती प्रेमिका के बलात्कार और हत्या के आरोप में 40 वर्षीय व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने इरोम चौरेन सिंह को आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार), 302 (हत्या) और 316 (एक अजन्मे बच्चे की मौत के कारण) के तहत मौत की सजा सुनाई है। जानकारी के लिए बता दें कि इस मामले को 'दुर्लभतम' करार दिया है। यह घटना 10 साल पहले घटित हुई थी जो कि बहुत ही खौफनाक थी। कोर्ट ने पीड़िता को न्याय दिया है। 

इस खौफनाक घटना के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया कि इस तरह की क्रूरता और अमानवीय कृत्य का सफाया करने योग्य है और अन्य वैकल्पिक सजा में कोई कमी करने वाला कारक नहीं है। मणिपुर में थोउबल जिले के निवासी सिंह को विशेष न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए नुतुनेश्वरी देवी ने दोषी ठहराया है। अदालत ने दोषी को 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आदेश में कहा गया है कि इरोम चौरेन सिंह को केवल 50,000 रुपये के जुर्माने के साथ मौत की सजा दी जाती है और दोषी को फांसी की सजा दी जाएगी।

इसके अलावा, अदालत ने पीड़ित के भाई को 10 लाख रुपये के मुआवजे की सिफारिश की है। खबरों के मुताबिक, जून 2010 में, इरोम चौरेन सिंह ने अपनी गर्भवती प्रेमिका के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया और उसकी हत्या कर दी थी। हत्या कर उसका शव इंफाल की एक नदी में फेंक दिया गया क्योंकि वह लड़की से शादी नहीं करना चाहता था। हैरानी की बात तो यह है कि शादी से पहले की लड़की को गर्भवती किया और बच्चा ना चाहने की जिद्द में रेप कर ह्तया कर दी।