केंद्र ने 2019-20 खरीफ सत्र के दौरान टिड्डियों के हमले, सूखे और बाढ़ के कारण फसल को हुए नुकसान के बदले में राजस्थान, मणिपुर और मेघालय के लिए 111.70 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। 

सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) की बैठक में इस संबंध में निर्णय किया गया। बयान में कहा गया है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण खरीफ (गर्मी) फसल की क्षति के लिए उच्च स्तरीय समिति ने तीन राज्यों- राजस्थान, मणिपुर और मेघालय को 111.70 रुपये की केंद्रीय सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। 

राजस्थान के लिए फसल बर्बादी के एवज में 68.65 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जहां रेगिस्तानी टिड्डियों के हमले के कारण ग्रीष्मकालीन फसल को नुकसान पहुंचा, मणिपुर को सूखे की वजह से फसल बर्बाद होने के लिए 26.53 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई। बयान में कहा गया है कि मेघालय के लिए 16.52 करोड़ रुपये की शेष सहायता मंजूर की गई है, जहां बाढ़ और भूस्खलन के कारण फसल प्रभावित हुई थी। 

उच्च स्तरीय समिति ने मौजूदा मानदंडों के अनुसार राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) से केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है। जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि को वित्तवर्ष 2019-20 में एक अप्रैल को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) खाते में उपलब्ध धन के जरिये समायोजित किया जायेगा। बयान में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को संबंधित राज्य सरकारों को स्वीकृत राशि जारी करने के लिए कहा है।