गोवा और मणिपुर में आगामी विधानसभा चुनावों (Goa and Manipur assembly elections) को देखते हुए भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा (BJP Minority Front) ने इस साल पूरे देश में क्रिसमस (Christmas) मनाने का फैसला किया है। मणिपुर और गोवा में ईसाई एक महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभाते हैं। योजना के तहत बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा कश्मीर से कन्याकुमारी और गोवा से मणिपुर तक हर ब्लॉक में ‘क्रिसमस मिलन’ (christmas party) का आयोजन करेगा। समारोह के माध्यम से, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा समुदाय तक पहुंचने और उनका समर्थन हासिल करने की कोशिश करेगा।

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा  (BJP Minority Front)  के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने बताया कि क्रिसमस पूरे देश में मनाया जाता है। क्रिसमस उत्सव का आयोजन करके पार्टी भारत के मौजूदा लोकाचार का पालन कर रही है जहां सभी त्योहार एक साथ मनाए जाते हैं। अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ता सामुदायिक भागीदारी के साथ अपने-अपने ब्लॉक में क्रिसमस समारोह (christmas party) का आयोजन करेंगे। हमने पूरे देश में लोगों की भागीदारी के साथ उत्सव मनाना शुरू कर दिया है। भविष्य में, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा देश के सभी त्योहारों को लोगों के साथ मनाता रहेगा। त्योहार हमारी भारतीय संस्कृति का हिस्सा हैं और हम इसका पालन कर रहे हैं।

सिद्दीकी ने यह भी कहा कि क्रिसमस मनाते हुए भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की जयंती के अवसर पर ‘सुशासन दिवस’ भी मनाएंगे। सभी राज्य इकाइयों को ब्लॉक स्तर पर क्रिसमस का जश्न सुनिश्चित करने और बच्चों को उपहार बांटने को कहा गया है। नवंबर में, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने पूरे देश में बड़े पैमाने पर ‘दिवाली’ मनाई थी। यह पता चला है कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने अल्पसंख्यक मोर्चा को देश भर में त्योहार मनाने और उत्तर प्रदेश, पंजाब, मणिपुर, गोवा और उत्तराखंड में विशेष ध्यान देने के लिए कहा है। भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सैयद यासिर जिलानी (Syed Yasir Jilani) ने कहा, हम सभी धर्मों और समुदायों के सभी त्योहारों को सामाजिक एकता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के आदर्श संदेश को भेजने के लिए मना रहे हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में होंगे।