इम्फाल। पूर्व पत्रकार और फुटबॉलर रहे मणिपुर के राजनेता नोंगथोम्बम बीरेन सिंह (Nongthombam Biren Singh) को रविवार को सर्वसम्मति से मणिपुर भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद इस पूर्वोत्तर राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में उनके लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ। विधायक दल का नेता निर्वाचित होने के तुरंत बाद सिंह ने राजभवन में राज्यपाल ला गणेशन से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। 

भाजपा की केंद्रीय पर्यवेक्षक एवं केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने यहां पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में नव निर्वाचित विधायकों की एक बैठक के बाद सिंह के विधायक दल के नेता चुने जाने की घोषणा की। सिंह मौजूदा समय में हाल के विधानसभा चुनावों के बाद से कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। उनके नेतृत्व में पहली बार भाजपा को इस पूर्वोत्तर राज्य में पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ है। 

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सिंह 2017-2022 तक मणिपुर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह मणिपुर में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री हैं। पूर्व पत्रकार-फुटबॉलर को मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरा कार्यकाल मिलने पर श्रीमती सीतारमण ने एक गुलदस्ता देकर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री पद के लिए प्रबल दावेदार माने जा रहे टी बिस्वजीत ने भी भाजपा के अन्य विधायकों के साथ सिंह बीरेन को बधाई दी। 

दस मार्च को विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा को राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करने में 10 दिन लग गए। जाहिर तौर पर इतना समय पार्टी को आंतरिक मतभेदों को दूर करने में लगा। सुचारू तरीके से पार्टी के विधायक दल के नेता का चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सीतारमण और केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू को भाजपा द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। ये दोनों नेता केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ एन बीरेन, टीएच बिस्वजीत, पूर्व स्पीकर वाई खेमचंद और भाजपा नेता संबित पात्रा इंफाल हवाई अड्डा पर एक ही विमान से पहुंचे। 

सिंह, श्री बिस्वजीत और अन्य सभी निर्वाचित विधायकों ने बैठक के बाद कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। राज्य की 60 सदस्यीय सदन में भाजपा ने 32 सीटें जीती हैं। राज्य की हिंगांग विधानसभा क्षेत्र से लगातार पांचवीं बार चुनाव जीतने वाले सिंह और श्री बिस्वजीत दोनों ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) से मुलाकात की थी। अनुभवी राजनेता सिंह मार्च 2017 में पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। उस समय भाजपा को सिर्फ 21 सीटें मिली थीं। इसके बाद नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी), नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ), तृणमूल कांग्रेस और लोक जन शक्ति पार्टी के साथ गठबंधन करके सत्ता में काबिज हुए थे। 

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उल्लेखनीय है कि राज्य में हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में अकेले लडऩे और सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया था। सिंह ने कहा था उनकी पार्टी एक दल की सरकार बनाएगी। बाद में उन्होंने हालांकि कहा कि भाजपा समान विचारधारा वाले दलों के साथ चुनाव गठबंधन करने के लिए तैयार है। मणिपुर विश्वविद्यालय से 1981-बैच के कला स्नातक, बीरेन का जन्म लुवांगसांगबम ममांग लेइकाई, इंफाल में हुआ था और वह एक सफल फुटबॉल खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने एक स्थानीय दैनिक 'नाहरोलगी थौडांग' के संपादक के रूप में भी काम किया और 2002 में हींगंग से डेमोक्रेटिक रिवोल्यूशनरी पीपल्स पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़कर राजनीति में शामिल हो गए। 

उन्होंने चुनाव जीता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए तथा मई 2003 में ओ इबोबी सिंह सरकार में सतर्कता राज्य मंत्री के रूप में पदभार संभाला। वर्ष 2007 के चुनावों में उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की और फिर से इबोबी सिंह कैबिनेट में सिंचाई , बाढ़ नियंत्रण, युवा मामले एवं खेल मंत्री के रूप में कार्य किया। सिंह ने 2012 में फिर से निर्वाचित हुए और कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता के रूप में कार्य किया, लेकिन उन्हें मंत्रालय में शामिल नहीं किया गया। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनावों से पहले वह भाजपा में शामिल हो गए और पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीत हासिल की।