मणिपुर विधानसभा में भारी हंगामे के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने विश्वास मत जीत लिया। सीएम एन. बीरेन सिंह विधानसभा में बहुमत साबित करने में सफल रहे। विपक्ष ने सदन में भारी हंगामा किया, क्योंकि स्पीकर ने उनके अविश्वास प्रस्ताव को नहीं लिया। विपक्षी नेताओं ने स्पीकर के खिलाफ प्रदर्शन किया और उन पर कुर्सियां ​​फेंकी।

स्पीकर के फैसले का बचाव करते हुए, सीएम बीरेन सिंह ने कहा कि वे जीत गए क्योंकि उनके पास संख्या है। सीएम बीरेन सिंह ने बताया, हमने ध्वनि मत से विश्वास मत जीता है। स्पीकर जो भी कर रहे हैं वह नियम के अनुसार है। विपक्षी विधायकों की संख्या कम थी। उधर, विपक्ष के नेता ओ इबोबी सिंह ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। वहीं, वोटिंग के बाद कांग्रेस के 6 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। इस बीच, उत्तर पूर्व के बीजेपी प्रभारी राम माधव ने जीत के बाद सीएम बीरेन सिंह को बधाई दी।

वोटिंग से पहले कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को व्हिप जारी किया। व्हिप में सभी सदस्यों से सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा गया। बता दें कि हाल ही में जब राज्यसभा चुनाव हुए तो कांग्रेस के कुछ विधायकों ने बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में वोटिंग की थी। इस घटना के बाद विधायकों को कारण बताओ नोटिस भी भेजे गए थे।

मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया था। सीएम ने ये कदम तब उठाया था जब विपक्षी कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई। बता दें कि मणिपुर में लंबे समय से राजनीतिक खींचतान चल रही थी। कुछ विधायक और मंत्री बीजेपी के गठबंधन वाली सरकार से बगावत कर गए थे। कांग्रेस भी एक्टिव हो गई और 28 जुलाई को विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई।