मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा (Conrad Sangma), जिनकी नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) मेघालय और मणिपुर दोनों में भाजपा की सहयोगी है, ने शुक्रवार को दोहराया कि उनकी पार्टी विशेष रूप से राज्य के मुख्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए मणिपुर विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी।

NPP के राष्ट्रीय अध्यक्ष संगमा ने दावा किया कि उनकी पार्टी, जिसने 43 उम्मीदवार खड़े किए हैं, 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी होगी और 27 फरवरी और 3 मार्च को होने वाले चुनावों के बाद सरकार का नेतृत्व करेगी। चार विधायकों के साथ, एनपीपी 2017 से मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की सहयोगी रही है।

चुराचनपुर, मोइरंग, साईकोट, थानलोन और हेंगलप सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई सभाओं को संबोधित करते हुए संगमा ने कहा कि " भाजपा और कांग्रेस दोनों क्षेत्र के लोगों की जटिलताओं और लोगों की विभिन्न जरूरतों को समझने में विफल रहे हैं। हम 'आलाकमान संस्कृति' को बदलना चाहते हैं। हमने राष्ट्रीय राजनीतिक दलों में आंतरिक झगड़े को देखा है। मणिपुर के लोग NPP को देख रहे हैं "।
मुख्यमंत्री कॉनराड ने कहा कि "NPP पूर्वोत्तर के लोगों को चिंता की आवाज व्यक्त करने और प्रासंगिक मुद्दों को उजागर करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। एनपीपी विभिन्न समुदायों, विभिन्न जनजातियों की गतिशीलता को जानता है। एनपीपी देश के आठ राष्ट्रीय दलों में से एक है। और पूर्वोत्तर क्षेत्र से एकमात्र राष्ट्रीय पार्टी है।"

BJP, NPP और नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) ने 2017 के विधानसभा चुनावों के बाद गठबंधन सरकार बनाई थी और हालांकि गठबंधन अभी भी मौजूद है, भगवा पार्टी, एनपीपी और एनपीएफ ने इस बार अलग-अलग चुनाव लड़ने की घोषणा की और अपने उम्मीदवारों की घोषणा की।