पांच राज्यों में होने वाली विधानसभा चुनावों (five elections states) में प्रत्याशी चुनावी रैली, रोड शो और जुलूस (ban on rally and road shows) नहीं निकाल पाएंगे। शनिवार को इस संबंध में हुई भारत निर्वाचन आयोग (election commission) की बैठक में ये फैसला लिया गया। बता दें कि देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए आयोग ने चुनावी रैलियों पर पाबंदी को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (chief election commissioner) के अलावा सभी आयुक्त और उपायुक्त भी शामिल हुए थे। इसके अतिरिक्त पांचों राज्यों के मुख्य निर्वाचन आयुक्तों ने भी आयोग की बैठक में फैसला लिया।

 

मीडिया रिपोट्र्स में कहा गया है कि चुनाव आयोग ने ‘कैंपेन कर्फ्यू’ (campaign curfew) को अगले एक सप्ताह तक बढ़ाने का फैसला कर लिया है। जल्दी ही इस संबंध में गाइडलाइन जारी कर दिए जाएंगे। हालांकि, सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि रैलियों, जुलूसों और रोड शो आदि पर पाबंदी के बावजूद प्रचार के अन्य तरीकों में कुछ ढील भी दी जाएगी। पाबंदियां लागू रखने के पीछे की वजह ये बताई जा रही है कि मणिपुर में टीकाकरण (Vaccination in Manipur) की सुस्त रफ्तार से आयोग असंतुष्ट है। पंजाब में भी टीकाकरण की रफ्तार बढ़ी तो है, लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने में वक्त लगेगा। हालांकि गोवा, उत्तराखंड और यूपी में टीकाकरण (Vaccination in UP) और संक्रमण दोनों में काफी सुधार किया है।

आपको बता दें कि पांच राज्यों के चुनावी कार्यक्रम (assembly elections) की घोषणा के दौरान आयोग ने 15 जनवरी तक रैली, नुक्कड़ सभाओं, पद यात्रा, साइकिल रैली पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। 15 जनवरी को समीक्षा करने के बाद आयोग (election commission) ने इस पाबंदी को लागू रखा, लेकिन राजनीतिक दलों को थोड़ी राहत देते हुए बंद कमरे में अधिकतम 300 लोग या फिर कमरे की 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सभा आयोजित करने की अनुमति दी थी।