कांग्रेस ने मणिपुर के लिए भाजपा के घोषणापत्र ( BJP manifesto for Manipur) पर निशाना साधा और 5 साल का अंधेरा (5 years of darkness) नाम की एक पुस्तिका जारी की, जिसमें उसने राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के कथित कुशासन को सामने रखने का दावा किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मणिपुर चुनावों के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने मणिपुर में स्थिरता लाने के भाजपा के दावे को खोखला बताया और नशीले पदार्थों के प्रति उसकी जीरो टॉलरेंस की नीति को मजाक बताया।

मणिपुर में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने विवादास्पद सैन्य कानून अफस्पा (AFSPA) पर भाजपा की चुप्पी को लेकर भी उस पर निशाना साधा है। इससे पहले भाजपा का घोषणापत्र जारी करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने कहा था कि मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के नेतृत्व में राज्य ने पिछले पांच वर्षों में विकास देखा है और राज्य में नशीली दवाओं के खतरे से सफलतापूर्वक निपटने में कामयाब रहा है। भाजपा का कहना है कि वे प्रशासन को लोगों के दरवाजे तक ले जाएंगे। 

मणिपुर के एआईसीसी पर्यवेक्षक (AICC Observer for Manipur) जयराम रमेश ने भाजपा पर महिलाओं के लिए नौकरी में आरक्षण को लेकर वोट बैंक की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। रमेश ने कहा, कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में नौकरियों में आरक्षण और महिलाओं के सशक्तिकरण का वादा किया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने विवादास्पद सैन्य अधिनियम अफस्पा  (AFSPA) पर भाजपा की चुप्पी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, भाजपा और उसके पार्टी प्रमुख जेपी नड्डा अफस्पा पर खामोश हैं और हम सभी जानते हैं कि कांग्रेस ने इसे खत्म करने का स्टैंड लिया था।