बीजेपी के नेता और मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने कांग्रेस पार्टी के विधायकों के साथ इंफाल के राजभवन में राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला से मुलाकात की है जिसमें कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने 2017 में नियुक्त 12 संसदीय सचिवों को राज्य में भाजपा की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार द्वारा अयोग्य घोषित करने के लिए राज्यपाल को एक याचिका सौंपी थी।


जानकारी दे दें कि संसदीय सचिवों के रूप में लाभ का पद धारण करने के लिए। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को दोहराया कि नियुक्ति इंफाल के सूत्रों के मुताबिक, 12 संसदीय सचिव संविधान के खिलाफ हैं। उन्होंने राज्यपाल से संविधान के प्रावधानों के अनुसार उचित कार्रवाई करने की भी अपील की। बीजेपी को कांग्रेस के इस वार से बहुत ही आहता पहुंचा है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि बीजेपी इस मामले पर बैठक कर रही है

 

इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस पार्टी के विधायक गायकंगम, के रंजीत सिंह, कोन्थौजम गोविंददास, कीशम मेघचंद्र सिंह और डीडी मानसी ने भी इस संबंध में एक याचिका प्रस्तुत की है। याचिका पर डोंग थिसिस ने हस्ताक्षर किया, जो मणिपुर विधान सभा के सदस्य करंग विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए थे। जानकारी के लिए बता दें कि याचिका में, पिछले चुनाव में प्राप्त पार्टी वार पदों को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के रूप में दिखाया गया - 28, भारतीय जनता पार्टी - 21, राष्ट्रीय जन पार्टी के नेता शामिल हैं।