त्रिवेंद्र सिंह रावत की विदाई के बाद उत्तराखंड के गढ़वाल से भाजपा सांसद तीरथ सिंह रावत ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्हें भाजपा विधायक दल की बैठक में पार्टी का नेता चुना गया था।
गढ़वाल के कलगीखल विकासखंड के सीरों में 9 अप्रैल 1964 को जन्मे तीरथ सिंह रावत छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। रावत संघ की पृष्ठिभूमि से भाजपा की राजनीति में आने वाले नेता हैं। उनका छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ाव रहा।

तीरथ संघ से जुड़े दायित्व निभाते हुए वह भाजपा की मुख्यधारा की राजनीति में आए। 1997 में पहली बार वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य रहे। वह राज्य के मंत्री भी रह चुके हैं। 2012 में चौबटाखाल विधानसभा सीट से चुनाव जीते। साल 2013 से 31 दिसंबर 2015 तक वह उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं। पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें गढ़वाल सीट से उतारा था और उन्होंने जीत दर्ज की थी।
आपको बता दें कि तीरथ सिंह रावत का साल 2017 में बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के लिए टिकट काट दिया था। उस समय वो बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और चौबट्टाखाल के विधायक थे। रावत का टिकट काटकर कांग्रेस से आए नेता सतपाल महाराज को दे दिया गया था। उस समय लगा था कि तीरथ सिंह कोई विरोध करेंगे। लेकिन उन्होंने पार्टी के निर्णय को मान लिया।