मणिपुर (Manipur) में असम राइफल्‍स (Assam Rifles) के कमांडिंग ऑफिसर विप्‍लव त्रिपाठी (Viplav Tripathi) के काफिले पर हुए आतंकी हमले (Terrorist Attack) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है कि यह पूरी तरह से सुनियोजित था। खबर है कि आतंकियों ने इस हमले की पूरी साजिश पहले ही रची थी। अब यह भी साफ हो गया है दो प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और मणिपुर नगा पीपुल्स फ्रंट (एमएनपीएफ) को काफिले में कर्नल विप्लव त्रिपाठी के बेटे और उनकी पत्‍नी के मौजूद होने की बात पता थी।

खबर है कि हमले में भारी हथियारों से लैस 15 आतंकवादी शामिल थे और उन्होंने तीन आईईडी विस्फोट किए, जिसके बाद दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। सूत्रों ने के अनुसार भारतीय सेना म्यांमार सीमा पर कड़ी नजर रख रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमले में शामिल आतंकवादी कहीं भाग न जाएं।

असम राइफल्स की खुगा बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर विप्लव त्रिपाठी कर्नल रैंक के अधिकारी थे। उनकी पत्नी, छह साल के बेटे के अलावा अर्धसैनिक बल के चार जवानों की शनिवार की सुबह एक हमले में मृत्‍यु हो गई थी। पीएलए और एमएनपीएफ ने उत्तर-पूर्वी राज्य के चुराचांदपुर जिले के सेहकन गांव में घात लगाकर किए गए हमले की जिम्मेदारी ली है।

इस घटना को लेकर मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि पूरे इलाके में बड़े स्‍तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। उन्‍होंने कहा कि हमलावर म्यांमार से सीमा पार से आए थे। हम इस हमले का जवाब देंगे। केंद्र के साथ संपर्क स्थापित किया गया है।