फरीदाबाद के निकिता तोमर मर्डर केस में तौसीफ और रेहान दोषी करार दे दिए गए हैं और अब 26 मार्च को सजा पर बहस होगी। इस केस में तीन लोग आरोपी बनाए गए थे। इनमें से तौसीफ और रेहान को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। इनकी सजा पर बहस 26 मार्च को होगी। जबकि, अजरुद्दीन को बरी कर दिया गया है। इस मामले में तौसीफ को मुख्य आरोपी बनाया गया था, जबकि रेहान वारदात के वक्त उसके साथ मौजूद था। अजरुद्दीन पर हथियार देने का आरोप था, जो साबित नहीं हो पाया है।

गौरतलब है कि 26 अक्टूबर 2020 को फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में निकिता तोमर की कॉलेज के बाहर गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में 55 गवाह पेश किए गए थे, जिसमें 2 बचाव पक्ष की तरफ से थे। 1 अक्टूबर को इस मामले का ट्रायल फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में शुरू हुआ था। इस मामले में तीन चश्मदीद गवाह और सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद था।

कोर्ट के सामने पुलिस ने रखे थे ये सबूत

- पुलिस ने इस हत्याकांड में 55 गवाहों को कोर्ट के सामने पेश किया था। सीसीटीवी फुटेज को सबूत के तौर पर पेश किया गया, जिसमें आरोपी तौसीफ निकिता से झगड़ा करता हुआ दिखाई दे रहा था, उसके बाद गोली मारता दिखाई दिया था।

- जिस कार में बैठकर तौसीफ और रेहान मौका-ए-वारदात पर पहुंचे थे। उस कार में तौसीफ का बाल मिला था और रेहान का कार के शीशे में फिंगरप्रिंट मिला था। ये सांटिफिक एविडेंस भी कोर्ट में रखे गए थे।

- पुलिस ने कोर्ट के सामने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी सामने रखे थे, जिसने वारदात होते हुए देखा।

- तौसीफ जिसने निकिता तोमर को गोली मारी थी, उसका कबूलनामा और तौसीफ के साथ जो मौजूद था आरोपी रेहान उसका कबूलनामा भी अदालत में बहस के दौरान पेश किया गया था।

- तौसीफ को हथियार देने वाले अजरुद्दीन का बयान भी कोर्ट में पेश किया गया था, पुलिस ने कई टेक्निकल और सांटिफिक सबूत भी कोर्ट में बहस के दौरान पेश किए थे।