पंजाब सरकार द्वारा ईटीटी-टीईटी पास बेरोजगार अध्यापकों की मांगों को मान लेने के आश्वासन के बाद उन्होंने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है।  इसी दौरान 135 दिनों तक 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठा रहा बेरोजगार अध्यापक सुरिंदर पाल भी आंदोलन स्थगित होने के बाद नीचे उतर आया।  भीषण गर्मी और बारिश के मौसम में भी यह युवक 135 दिनों तक टावर पर ही डटा रहा। 

टावर से नीचे उतरते ही जब उसके साथियों ने उसका स्वागत किया तो उसने कहा, मैंने कसम खाई थी कि जब तक सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक मैं नीचे नहीं उतरूंगा।  यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि योग्य युवाओं को नौकरी पाने के लिए इस तरह से विरोध करना पड़ रहा है।  गौरतलब है कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने युवक को टावर से नीचे उतारने का कई बार प्रयास किया था।  लेकिन प्रशासन और पुलिस का अमला उसे नीचे उतारने में नाकामयाब रहा था। 

सरकार द्वारा बेरोजगार शिक्षकों की मांग पर सहमति जताने के एक दिन बाद उन्होंने धरना समाप्त किया।  टावर पर बैठे रहे सुरिंदर पाल को तुरंत पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने कहा कि उसकी हालत स्थिर है।  चार माह से अधिक समय तक टावर पर बैठे रहने के कारण उसकी धूप और गर्मी के कारण उसके चेहरे पर सनबर्न के निशान उभर आए थे, वह बहुत कमजोर हो चुका था।  वह ठीक से जमीन पर खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। 

मीडिया से बात करते हुए सुरिंद्र पाल ने कहा कि वह मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के आभारी हैं जिन्होंने उनकी वास्तविक मांगों पर सहमति जताई।  इसी बीच राजपुरा कांग्रेस विधायक हरदयाल कंबोज और पटियाला के मेयर संजीव शर्मा बिट्टू मौके पर पहुंचे और उन्हें पानी पिलाया।  सरकार ने बीते शनिवार को ईटीटी शिक्षकों के लिए 6,635 पदों का विज्ञापन दिया था और बीएड स्नातकों को भी नई भर्ती से बाहर कर दिया था।  ईटीटी टीईटी-पास बेरोजगार संघ की यह एक प्रमुख मांग थी जिस पर सरकार सहमत हो गई है।