उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की बंपर नियुक्ति होने जा रही है।  सरकारी प्राइमरी स्कूलों में जल्द 5000 से ज्यादा शिक्षकों  की भर्ती की शुरुआत होगी।  बता दें कि 69000 शिक्षक भर्ती के बचे हुए पदों पर ये भर्तियां होनी हैं।  इसका आदेश जल्द ही जारी किया जाएगा।  कोरोना संक्रमण के कारण इसकी काउंसलिंग दो चरणों में की जा सकती है।  शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा पास अभ्यर्थियों की मेरिट सूची से ये पद भरे जाएंगे। 

69 हजार शिक्षक भर्ती के बचे हुए इन 5000 पदों पर भर्ती के लिए वेटिंग सूची से अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा। मई के दूसरे पखवाड़े में इसका आदेश जारी हो सकता है।  

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए उम्मीदवारों ने ऑनलाइन काउंसलिंग की मांग की थी।  लेकिन यूपी के बेसिक शिक्षा विभाग ने इस मांग को ठुकरा दिया।  ऐसे में यह तो साफ हो गया है कि इन पदों के लिए काउंसलिंग ऑफलाइन मोड में ही आयोजित की जाएगी।  कोराना काल में एक वक्त पर पांच से ज्यादा अभ्यर्थी नहीं बुलाए जाएंगे। 

बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी ने कुछ दिनों पहले बताया, "मुख्यमंत्री मिशन रोज़गार के तहत, पिछले चार वर्षों में 4 लाख के करीब नौकरियां दी गई हैं। इसमें से 1.25 लाख नियुक्तियाँ बेसिक शिक्षा विभाग की हैं। "

द्विवेदी ने कहा कि पहले के खाली पदों को नए विज्ञापनों में स्थानांतरित किया गया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि मेरिट सूची में जिन उम्मीदवारों के नाम सामने आए हैं, वे लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं और शिक्षक बनने के योग्य है। , उन्हें कोई भी नया विज्ञापन जारी होने से पहले मौका दिया जाना चाहिए। 

विभाग ने दो चरणों में 69,000 रिक्त पदों को भरा। उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता और सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में उनके प्रदर्शन के आधार पर एक मेरिट सूची तैयार की गई थी। 

टेस्ट के लिए क्वालीफाई करने वाले 1.46 लाख में से 1.36 लाख ने नियुक्तियों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। 

सरकार ने एसटी उम्मीदवारों की अनुपलब्धता के कारण 1,133 पदों (69,000 में से) को एससी में आरक्षित करने का निर्णय लिया।