मध्य प्रदेश बोर्ड (MPBSE) की तरफ से 12वीं की परीक्षा जुलाई में ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। हालांकि अभी परीक्षा का पूरा शेड्यूल नहीं जारी किया गया है। लेकिन जून के पहले सप्ताह में होने वाली बैठक में 12वीं की परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार बोर्ड के साथ परीक्षा का खाका तय करने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस पर अंतिम फैसला जून के पहले सप्ताह में आ जाएगा। 

मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि विभाग सीबीएसई द्वारा 1 जून को घोषित किए जाने वाले टाइम टेबल का इंतजार कर रहा है। ऐसे में कहा यह भी जा रहा है कि सीबीएसई परीक्षा और एमपी बोर्ड की परीक्षा के खत्म होने में 8 दिन से ज्यादा का अंतर नहीं रखा जाएगा। क्योंकि नीट और जेईई का भी एग्जाम होना है।

समय कम होने की वजह से बोर्ड द्वारा 12वीं की सिर्फ मुख्य विषयों की ही परीक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं। जबकि अन्य विषयों में छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर पास किया जा सकता है। अन्य विषयों की मार्किंग स्कीम पर जून के पहले सप्ताह में होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी। 

मध्य प्रदेश बोर्ड के पास ऐसे संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिनसे परीक्षा ऑनलाइन ली जा सके। इस पर विचार किया जा चुका है। इस दौरान यही निष्कर्ष निकला। शहरी क्षेत्रों को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में 12वीं के 30 फीसदी छात्रों या उनके अभिभावकों के पास एंड्राइड मोबाइल फोन नहीं है। वहीं, नेटवर्क की समस्या भी बनी रहती है। ऐसे में ऑनलाइन परीक्षा कराना संभव नहीं है।

मध्य प्रदेश बोर्ड की तरफ से 12वीं की परीक्षाएं एक मई से आयोजित की जानी थीं। लेकिन बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था। वहीं, 10वीं के छात्रों का रिजल्ट इस बार आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर तैयार किया जा रहा है।