रेलवे में नौकरी की भर्ती के नाम से भर्ती विज्ञापन के जरिए लोगों के साथ धोखा किया जा रहा है। भारतीय रेलवे ने 5000 से ज्यादा भर्ती के विज्ञापन को फर्जी बताया है। रेल मंत्रालय की ओर से साफ कहा गया कि रेलवे ने ऐसी कोई वैकेंसी नहीं निकाली है, ये विज्ञापन फर्जी हैं।

PIB ने रेलवे में 5000 से ज्यादा पदों पर भर्ती की खबर को फर्जी बताते हुए ट्वीट किया है जिसमें है कि अवेस्ट्रान इन्फोटेक द्वारा भारतीय रेलवे में नौकरियों का एक अखबार का विज्ञापन सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है। रेल मंत्रालय ने कथित नोटिस में बताई नौकरियों को आउटसोर्स नहीं किया है। साथ ही योग्यता भी गलत है, रेलवे में लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता है।
दरअसल, विज्ञापन के मुताबिक आउटसोर्सिंग एजेंसी ने रेलवे के 8 पदों पर 5285 भर्तियां निकाली हैं। इन पदों पर आवेदन करने के लिए 750 रुपये शुल्क भी मांगा गया है। विज्ञापन में इन 5,285 वैकेंसियों में जूनियर असिस्टेंट के 600, कंट्रोलर 35, बुकिंग क्लर्क 430, गेटमैन 1200, कैंटीन सुपरवाइजर 350, केबिन मैन 780 और वेल्डर के 430 पद शामिल हैं। विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता भी अलग-अलग तय की गई है। इसके साथ ही कहा गया है कि रेलवे में इन पदों पर सिर्फ इंटरव्यू के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
विज्ञापन निकालने वाली एजेंसी ने सिर्फ पांच राज्यों बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन मांगे हैं। रेल मंत्रालय ने आगाह करते हुए कहा कि ऐसी भर्तियों के झांसे में ना आएं। रेलवे की ओर से ऐसा कोई भी विज्ञापन जारी नहीं किया गया है।