पक्का करने को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल भले ही खत्म हो गई हो, लेकिन कई जिलों में कर्मचारी गत दिवस अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं आए। जिसका सख्त संज्ञान लेते हुए एनएचएम के एमडी कुमार राहुल ने सभी डिप्टी कमिश्नरों को पत्र लिखकर यह कह दिया है कि जो कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आए है, उन्हें बर्खास्त कर दिया जाए। ऐसे कर्मचारियों की संख्या लगभग 1000 हजार है। 

डिप्टी कमिश्नरों को कहा गया है कि ऐसे कर्मचारियों की जगह दूसरे कर्मचारियों को रखा जाए। वहीं, कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए पत्र में यह भी कहा गया है कि जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कर्मचारी की भी भर्ती की जा सकती है। जिन्हें 1000 रुपये प्रति दिन के हिसाब से दिया जाएगा।

बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान एनएचएम और 776 कम्युनिटी स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) हड़ताल पर थे। उनकी मुख्य मांग पक्का करने को लेकर थी। तंदुरुस्त पंजाब के स्वास्थ्य केंद्रों के सीएचओज़, एएनएमज और डाक्टरों और अन्य कर्मचारियों की एक हफ्ते से लंबी गैर-हाजिरी कोरोना महामारी के दौरान खासी परेशानी आ रही थी, क्योंकि वह कोविड-19 के शक्की मरीजों के नमूने लेने, संपर्क ट्रेसिंग और इलाज संबंधी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू ने रविवार को इन्हें अपनी हड़ताल खत्म करके वापस ड्यूटी पर आने की अपील की थी। साथ ही मंत्री ने कहा था कि हड़ताली कर्मचारी हड़ताल खत्म नहीं करते तो उनके विरुद्ध आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत कार्यवाही की जाएगी। सोमवार को नेशनल रूरल हेल्थ मिशन इम्पलाईज एसोसिएशन ने अपनी हड़ताल को खत्म कर दिया था।

एसोसिएशन के प्रधान इंदरजीत सिंह राणा ने कहा कि सुबह ही हड़ताल खत्म कर दी गई थी। मुलाजिमों को अपने-अपने काम पर लौटने के लिए कहा था। इसके बावजूद कई जगहों पर मुलाजिमों ने हड़ताल खत्म नहीं की और वह अपने काम पर वापस नहीं लौटे। जिसके बाद एनएचएम के एमडी ने सभी हड़ताली कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश दे दिए। साथ ही उन्होंने डिप्टी कमिश्नर को यह भी पत्र लिख दिया कि जल्द से जल्द बर्खास्त और अन्य जहां पर जरूरी हो के लिए मुलाजिम भर्ती किया जाए।