मध्यप्रदेश में 12वीं परीक्षाओं को लेकर लगातार असमन्जस की स्थिति बनी हुई है, अब शिक्षामंत्री ने कहा है कि   12वीं की परीक्षा को लेकर फैसला एक जून को लिया जाएगा, उन्होने कहा कि को पहले सप्ताह में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए परीक्षा के संबंध में निर्णय लिया जाए, परीक्षाओं के स्वास्थ्य व सुरक्षा को पहली प्राथमिकता दी जाएगी।  

हालांकि शिक्षा विभाग द्वारा 12वीं की परीक्षा की तैयारियां पहले से ही कर ली गई है, परीक्षा प्रणाली में कोई भी परिवर्तन नहीं किया गया है, हालात अनुकूल होने पर पुराने पैटर्न से ही परीक्षाएं होगी। 

सूत्रों की माने तो केन्द्र 12वीं की परीक्षा व व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षाओं के प्रस्तावों पर चर्चा के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में वर्र्चुअली बैठक भी हुई, जिसमें शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल, महिला एवं बालविकास मंत्री स्मृति ईरानी, सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकरण, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा व अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षा मंडल रश्मि अरुण शमी सहित सभी राज्य, संघ राज्य क्षेत्र के शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचित व परीक्षा बोर्ड के अध्यक्ष शामिल रहे। 

 

इस मौके पर राजनाथ सिंह ने सीबीएसई के संबंध में कहा कि जमीनी हकीकत को देखते हुए परीक्षा के संबंध में उचित निर्णय लिया जाए, 18 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के शिक्षकों को वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने व स्टूडेंटस के वैक्सीनेशन के लिए त्वरित रणनीति बनाने के संबंध में भी कहा। 

 12वीं की परीक्षाओं का प्रभाव राज्य की बोर्ड परीक्षाओं व देशभर में अन्य प्रवेश परीक्षाओं पर पड़ता है, जिसे दृष्टिगत रखते हुए विभिन्न राज्य सरकारों व केन्द्र शासित प्रदेशों से सुझाव मांगे गए है, राज्य के इनपुट के आधार पर ही छात्रों के हित में 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के बारे में केन्द्र सरकार द्वारा विचार किया जाएगा।