सरकारी प्राइमरी स्कूलों में रिक्त करीब 6 हजार सहायक अध्यापकों के पदों पर एनआईसी के ऑनलाइन साफ्टवेयर के जरिए शिक्षकों के चयन व जनपद आवंटन सूची जारी कर दी गई है।  सोमवार को चयनित शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन व जांच शुरू होगी।  

प्रदेश सरकार के निर्देश पर यूपी के परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है।  गौरतलब हो कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में सामान्य श्रेणी व अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित पद खाली रह गए थे, जिन पर भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। 

प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए जनवरी 2019 में सहायक अध्यापक के पद पर परीक्षा का आयोजन किया गया था।  69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती की प्रक्रिया के दौरान सामान्य श्रेणी व अनुसूचति जाति के पद खाली रह गए थे।  

सीएम योगी के निर्देश पर 69000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में रिक्त पदों एवं अनुसूचित जनजाति के पूर्व से रिक्त पदों पर एनआईसी द्वारा 26 जून को प्राप्त आवंटन सूची का प्रकाशन किया गया है। 

28 से 29 जून के मध्य अभ्यर्थियों के अभिलेखों की जांच की जाएगी और 30 जून को अर्ह अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र निर्गत किए जाएंगे।  अभ्यर्थियों को सत्यापन के दिन अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ सुबह 10 बजे निर्धारित काउंसलिंग सेंटर पर लेकर पहुंचना होगा।  

जानकारी के अनुसार अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता के कारण इन पदों को नहीं भरा जा सका था।  इन पदों को मेरिट लिस्ट में शामिल अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों से भरा जाना है। 

सरकार परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरा करने के लिए लगातार शिक्षकों की भर्ती कर रही है ताकि छात्रों को बेहतर हासिल हो सकें।  अब तक प्रदेश सरकार 1.25 लाख शिक्षक भर्ती कर चुकी है।  

प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को काउंसलिंग के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क व सैनेटाइजर के इस्तेमाल का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।  कोरोना संक्रमण को देखते हुए काउंसलिंग के दौरान एक बार में 5 अभ्यर्थियों को अंदर बुलाए जाने की हिदायत अधिकारियों को दी गई है।