बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग में 21 हजार नियुक्ति करने की तैयारी है। विभाग को दो महीने में करीब एक हजार इंजीनियर मिल जायेंगे। इसमें जूनियर और असिस्टेंट इंजीनियर शामिल हैं। साथ ही यूडीसी, एलडीसी, स्टोरकीपर, लैब तकनीशियन और अन्य के लिए करीब 20 हजार पद सृजन कर बहाली की तैयारी की जा रही है। इसके अंतर्गत करीब नौ हजार स्थायी और करीब 11 हजार अस्थायी बहाली होगी।

विभाग में चीफ इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर और एक्सक्यूटिव इंजीनियर के लिए भी अतिरिक्त पदों का सृजन करने की तैयारी है। बहुत जल्द सरकार की मंजूरी के बाद बहाली प्रक्रिया शुरू होगी। सूत्रों के अनुसार ग्रामीण कार्य विभाग में लंबे समय से सेवानिवृत्त कर्मियों की जगह नियमित बहाली नहीं हुई थी। इस कारण इंजीनियरों और कर्मियों की कमी थी। संविदा के माध्यम से कई जगह काम हो रहा है। वहीं राज्य में विभाग के माध्यम से करीब एक लाख 16 हजार किमी लंबाई में ग्रामीण सड़कें बन चुकी हैं। इन सड़कों के मेंटेनेंस के साथ ही ग्रामीण यातायात को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम हो रहा है। ऐसी हालत में इंजीनियरों और कर्मियों को दूर करने के लिए बहाली की जरूरत थी।

राज्य में इंजीनियरों और कर्मियों की बहाली से विभाग के अंतर्गत तय समय में बेहतर सड़कों का निर्माण और पहले से बनी सड़कों का मेंटेनेंस कर दुरुस्त रखना है। इससे ग्रामीण इलाकों में यातायात की व्यवस्था बेहतर होगी, साथ ही ग्रामीण इलाकों में आर्थिक उन्नति हो सकेगी।

ग्रामीण कार्य विभाग में इस समय जूनियर इंजीनियर के करीब 1070 पद हैं। इसमें से करीब 600 पद खाली हैं। वहीं असिस्टेंट इंजीनियर के करीब 775 पद हैं। इसमें से करीब 466 पद खाली हैं। इन दोनों पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तकनीकी सेवा आयोग और बीपीएससी के माध्यम से पिछले साल से चल रही है। अगले दो महीने में विभाग को करीब एक हजार इंजीनियर मिलने की संभावना है।

ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री जयंत राज ने कहा कि पिछले सालों के मुकाबले ग्रामीण सड़कों की लंबाई बढ़ी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश के अनुसार ग्रामीण आबादी को बेहतर यातायात सुविधा देने और ग्रामीण सड़कों काे मुख्य सड़कों से जोड़ने का काम चल रहा है। वहीं सेवानिवृत्त इंजीनियरों और कर्मियों की जगह नयी बहाली नहीं हुई थी। ऐसे में निर्माण और मेंटेनेंस के लिए इंजीनियरों और कर्मियों की जरूरत थी। इंजीनियरों की बहाली के लिए विभाग ने सरकार को प्रस्ताव भेजा था। नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है और अगले दो महीनों में इंजीनियरों को मिलने की संभावना है। वहीं विभाग करीब 20 हजार पद सृजन की तैयारी कर रहा है।