राजस्व परिषद के अध्यक्ष डॉ. दीपक त्रिवेदी ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट व नवाबगंज तहसील का निरीक्षण किया। करीब दो घंटे बाद मीडिया से मुखातिब हुए तो निरीक्षण की कमियों के बारे में पत्रकारों ने सवाल किया। इस पर कहा कि मैं कमियों को खोजने के लिए निरीक्षण नहीं करता। अच्छे कार्यों को देखकर सुझाव देता हूं। राजस्व विभाग में कर्मचारियों की कमी के चलते बढ़ते काम के दबाव के संबंध में उन्होंने कहा कि चार माह पहले प्रदेश के सभी जिलों में लेखपाल के आठ हजार व डेढ़ हजार सहायक के रिक्त पदों का अधियाचन अधीनस्थ चयन आयोग को भेजा है। सहायक के पदों पर परीक्षा के बाद शासन स्तर से चयन कर सीधे जिलों में भेजा जाएगा।

कोरोना काल के लंबित कार्यों के बारे में कहा कि अंतरराष्ट्रीय महामारी थी। राजस्व न्यायालय बंद थे, लेकिन अब न्यायालय संचालित हो गए हैं। लंबित मामलों का निस्तारण शीघ्र करने की अपेक्षा सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से की जा रही है। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष का व्यवहार कर्मचारियों के प्रति सकारात्मक रहा। उन्होंने कलेक्ट्रेट के संयुक्त कार्यालय में कर्मचारियों की सर्विस बुक व करेक्टर रोल भी देखा। उसे नियमित अपडेट करने के निर्देश दिए। शस्त्र अनुभाग में असलहा बाबू से ऑनलाइन लाइसेंस प्रक्रिया के बारे में पूछा।

आपदा कार्यालय में आपदा धनराशि के वितरण व लंबित वितरण की स्थिति जानी। राजस्व अभिलेखों के कंप्यूटराइजेशन में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। तहसील नवाबगंज में अध्यक्ष ने घरौनी बनाने और वरासत अभियान की प्रगति देखी। राजस्व वसूली कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त अयोध्या एमपी अग्रवाल, डीएम डॉ. आदर्श सिंह, एडीएम संदीप कुमार गुप्ता, एसडीएम अभय पांडेय आदि मौजूद रहे।

राजस्व परिषद अध्यक्ष ने मंडलायुक्त के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में इंटरलाकिग कार्य व डीएम आवास के मरम्मतीकरण कार्य लोकार्पण भी किया। तहसील रामसनेहीघाट व तहसील फतेहपुर के तहसीलदार को चार पहिया वाह की चाभी भी सौंपी। इस दौरान उन्होंने लोकसभागार में अधिकारियों के साथ बैठक भी की।