प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शुक्रवार को सात नई रक्षा कंपनियों की शुरुआत (Launched seven new defense companies) करते हुए कहा कि यह राष्ट्र को रक्षा के क्षेत्र में सशक्त करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि समय के साथ भारत अपनी रक्षा क्षेत्र में जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशों पर निर्भर होता चला गया।  समय के हिसाब से कंपनियों को अपग्रेड नहीं किया गया।  

उन्होंने कहा कि 41 ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज़ को नए (revamp 41 ordnance factories) स्वरूप में किए जाने का निर्णय, 7 नई कंपनियों की ये शुरुआत, देश की इसी संकल्प यात्रा का हिस्सा हैं।  ये निर्णय पिछले 15-20 साल से लटका हुआ था।  पीएम ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि ये सभी सात कंपनियां आने वाले समय में भारत की सैन्य ताकत का एक बड़ा आधार बनेंगी। 

उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारत ने अपनी (India has entered its 75th year of independence) आजादी के 75वें साल में प्रवेश किया है।  आजादी के इस अमृत काल में देश एक नए भविष्य के निर्माण के लिए नए संकल्प ले रहा है और जो काम दशकों से अटके थे, उन्हें पूरा भी कर रहा है।  

PM Modi ने आगे कहा कि विश्व युद्ध के समय भारत की ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज़ का दम-खम दुनिया ने देखा है।  हमारे पास बेहतर संसाधन होते थे, वर्ल्ड क्लास स्किल होता था।  आजादी के बाद हमें जरूरत थी इन फैक्ट्रीज को upgrade करने की, न्यू एज टेक्नोलॉजी को अपनाने की! लेकिन इस पर बहुत ध्यान नहीं दिया गया। 

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान ( Self-reliant India campaign) के तहत देश का लक्ष्य भारत को अपने दम पर दुनिया की बड़ी सैन्य ताकत बनाने का है, भारत में आधुनिक सैन्य इंडस्ट्री के विकास का है।  पिछले सात वर्षों में देश ने ‘'Make in India’ के मंत्र के साथ अपने इस संकल्प को आगे बढ़ाने का काम किया है। 

पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि आज देश के डिफेंस सेक्टर में जितनी transparency है, trust है, और technology driven approach है, उतनी पहले कभी नहीं रही।  आज़ादी के बाद पहली बार हमारे डिफेंस सेक्टर में इतने बड़े reforms हो रहे हैं, अटकाने-लटकाने वाली नीतियों की जगह सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की गई है। 

उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले ही रक्षा मंत्रालय (Defense Ministr) ने ऐसे 100 से ज्यादा सामरिक उपकरणों की लिस्ट जारी की थी जिन्हें अब बाहर से आयात नहीं किया जाएगा।  इन नई कंपनियों के लिए भी देश ने अभी से ही 65 हजार करोड़ रुपए के ऑर्डर्स प्लेस किए हैं।  ये हमारी डिफेंस इंडस्ट्री में देश के विश्वास को दिखाता है।