पंजाब में सियासी घमासान के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से इस्तीफा देना इस बार नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) को महंगा पड़ सकता है. सूत्रों की मानें, तो पार्टी आलाकमान सिद्धू के रवैये से बेहद नाराज है और इसको लेकर अब तक दोनों पक्ष में कोई बातचीत नहीं हुई है. माना जा रहा है कि पार्टी सिद्धू को नहीं मनाएगी. इतना ही नहीं पार्टी ने पंजाब में नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए मंथन भी शुरू हो गया है. इस दौड़ में रवनीत सिंह बिट्टू ( Ravneet Singh Bittu) का नाम सबसे आगे चल रहा है.

कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, सिद्धू के इस्तीफे से कांग्रेस आलाकमान नाराज है और उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जा सकता है. इतना ही नहीं पार्टी नेतृत्व ने सिद्धू से अब तक बात भी नहीं की है. हालांकि, सिद्धू का इस्तीफा भी स्वीकार नहीं किया गया है. कहा जा रहा था कि पंजाब प्रभारी हरीश रावत (Harish Rawat ) बुधवार को चंडीगढ़ जाएंगे लेकिन फिलहाल उनका दौरान भी टल गया है, जिसके बाद यह स्पष्ट है कि इस बार कांग्रेस नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) की ओर से हुई किरकिरी को बर्दाश्त नहीं करेगी.

पार्टी सूत्रों की माने तो सिद्धू का इस्तीफा स्वीकार नहीं कर कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व उन्हें समय देना चाहता है लेकिन अगर वह नहीं माने तो सख्त कदम भी उठाया जा सकता है. सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने आज कैबिनेट की बैठक बुलाई है. खबरों की मानें तो आज की कैबिनेट में जो मंत्री नहीं आएंगे उनपर भी कार्रवाई हो सकती है.

बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) के विरोध के बावजूद सिद्धू को इसी साल 23 जुलाई को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था. सिद्धू के इस्तीफे के बाद उनके समर्थन में चन्नी सरकार के मंत्री सहित कई बड़े नेताओं के इस्तीफों की झड़ी लग गई. सिद्धू के करीबी माने जाने वाली एक मंत्री के साथ ही अन्य तीन कांग्रेसी नेताओं ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया.