कोरोना वायरस से पीड़ित पाकिस्तान ने मलेरिया रोधी दवाओं के निर्यात पर फिर से बैन लगा दिया है। इसके चार दिन पहले ही इमरान सरकार ने इसपर से प्रतिबंध हटाया था। वाणिज्य मंत्रालय के हवाले से बताया कि तत्काल प्रभाव से लागू किया गया प्रतिबंध कोरोना वायरस पर राष्ट्रीय समन्वय आयोग (NCC) के अगले निर्णय तक लागू रखा जा सकता है। लगभग एक हफ्ते तक वाणिज्य प्रभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच मलेरिया-रोधी दवाओं पर प्रतिबंध लगाने को लेकर विचार कर रहे थे।

जानकारी दे दें कि इससे पहले कॉमर्स डिवीजन ने मास्क के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के लिए ड्रग रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ पाकिस्तान (ड्रैप) को पत्र लिखा गया था। सूत्र के अनुसार, एनसीसी की बैठक के मद्देनजर वाणिज्य प्रभाग ने सभी मलेरिया-रोधी दवाओं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं। ड्रैप के रिकॉर्ड के मुताबिक दवाओं का उत्पादन करने के लिए लगभग 25 मिलियन टैबलेट और लगभग 9 हजार किलोग्राम कच्चा माल बाजार में उपलब्ध है।


खबर दे दें कि पाकिस्तान में कोरोना वायरस की वजह से अब तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,780 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। जैसे कि हम जानते हैं कि पाकिस्तान ने मलेरिया रोधी दवाओं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है, तो वहीं दूसरी तरफ भारत ने मलेरिया से लड़ने वाली दवा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन (Hydroxychloroquine) के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया और अमेरिका समेत कई पड़ोसी देशों की मदद की है।  दुनिया भर में अबतक 16,96,139 कोरोना वायरस से संक्रमित हैं, जबकि 1,02,669 लोगों की मौत हो चुकी है। वैश्विक स्तर पर अबतक 3,76,200 लोग ठीक हो चुके हैं।