कोरोना वायरस को देश में फैलने से रोकने के लिए भारत सरकार हर संभव कदम उठा रही हैं। वहीं कुछ लोग इन कोशिशों को असफल करने में लग रहे हैं। जानकारी मिली है कि पश्चिमी चंपारण (बेतिया) के जिलाधिकारी कुंदन कुमार का एक पत्र मिली है। इसमें खुलासा हुआ है कि सीमा पार से कुछ लोग भारत और खासकर बिहार में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलाना चाहते हैं। मौजूद पत्र के मुताबिरक जरिए सीमा सुरक्षा बल के 47वीं वाहिनी बटालियन को सूचित कर रहे हैं कि सीमा पार से कोरोना संक्रमित संदिग्धों को भारत में दाखिल ना कराया जाए।


पत्र के अनुसार 40-50 कोरोना संदिग्धों को भारत में दाखिल कराए गए हैं। इन लोगों का मकसद भारत में कोरोना संक्रमण फैलाना है यानी की भारत पर जैविक हमला। पत्र के मुताबिक दाखिल सभी मुस्लिम बताए जा रहे हैं। इन लोगों को जालिम मुखिया नाम के शख्स ने भारत में दाखिल कराया गया है। जानकारी मिली है कि जालिम मुखिया हथियार तस्कर है। वह नेपाल के जिला पारसा के सेरवा थाना अंतर्गत जग्रनाथपुर गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। जालिम मुखिया की रणनीति के तहत कोरोना संदिग्ध संक्रमितों को नेपाल बॉर्डर रास्ते से भारत में दाखिल कराए गए हैं।

इस जानकारी के अनुसार गृह सचिव अमीर सुबानी ने कहा कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। गृह मंत्रालय को भी जानकारी दी गयी है। आमिर सुबहानी ने कहा कि किसी को सीमा में घुसने नहीं दिया जाएगा। मामला नेपाल में है, लेकिन हमने अपने अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है। इसी के साथ एसएसबी के डीजी ने बताया कि हम सख्त लॉकडाउन लागू कर रहे हैं।  इसी के साथ बता दें कि क्या कोई विदेशी ताकतें एक धर्म विशेष के लोगों को झुठी बातें बताकर भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलाना चाहता है?