अफगानिस्तान में तालिबान से लड़ाई को कवर करते हुए रॉयटर्स के फोटोजर्नलिस्ट दानिश सिद्दिकी की मौत हो गई थी। उनकी मौत को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जा चुके हैं। अब एक नए दावे में कहा गया है कि लड़ाई से पीछे हटने के दौरान हुए कंफ्यूजन में दानिश सिदि्दकी की मौत हुई। रॉयटर्स ने एक टॉप अफगान अफसर के हवाले से यह दावा किया है।

मेजर जनरल हबीतुल्लाह अलीजाई अफगानिस्तान की स्पेशल ऑपरेशन कोर के कमांडर थे। उनके नेतृत्व में ही स्पिन बोल्डक में मिशन को अंजाम दिया जा रहा था। मेजर अलीजाई ने रॉयटर्स को बताया कि जबर्दस्त फायरिंग के बीच स्पिन बोल्डक से उनके सैनिक वापस लौट रहे थे। इस दौरान दानिश सिद्दिकी और दो अन्य कमांडो पीछे रह गए। सभी को लग रहा था कि यह दोनों वापस लौटती फौज के साथ हैं। इसी कंफ्यूजन ने दानिश की जान ले ली। चार अन्य सिपाहियों ने भी मेजर जनरल हबीतुल्लाह के दावे से सहमति जताई है। 

मेजर जनरल हबीतुल्लाह ने बताया कि जब फौज वापस लौट रही थी तो दानिश और उनके साथ के कमांडो हमले का शिकार हुए। पहले इनके वाहन पर रॉकेट से हमला हुआ। इस हमले में दानिश घायल हो गए और उन्हें नजदीकी मस्जिद में इलाज के लिए ले जाया गया। लेकिन यहां पर उनकी हत्या कर दी गई। गौरतलब है कि 13 जुलाई को हुए एक हमले में दानिश बाल-बाल बच गए थे। लेकिन वह फिर भी पीछे नहीं हटे और युद्ध कवर करते रहे। 

गौरतलब है कि दानिश की मौत कैसे हुए यह अभी भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सका है। पहले यह कहा गया कि दानिश की मौत क्रॉस फायरिंग में हुई थी। बाद में अफगान सुरक्षा अधिकारियों और भारत सरकार के अधिकारियों ने फोटो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दावा किया था कि तालिबान ने दानिश की हत्या करके उनके शव को क्षत-विक्षत कर दिया था। हालांकि बाद में तालिबान ने इस दावे को खारिज कर दिया था। वहीं एक ब्रिटिश एक्सपर्ट ने तमाम साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद दावा किया था कि दानिश को कई बार गोली मारी गई थी। वहीं सभी रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दानिश के शव पर वाहन दौड़ाए गए थे।