लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों की मदद करने वाले एक्टर सोनू सूद एक बार फिर चर्चा में हैं।  सोनू सूद ने इस बार बच्चों के समर्थन में आवाज उठाई है और बोर्ड एग्जाम ऑफलाइन करवाने को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।  सोनू सूद ने कहा कि ऐसे समय में जब कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं ऑफलाइन एग्जाम करवाने का फैसला ठीक नहीं है, एग्जाम का कोई दूसरा तरीका देखना चाहिए। 

इंस्टाग्राम और ट्विटर पर रविवार को वीडियो मैसेज पोस्ट करते हुए सोनू सूद ने कहा कि अभी हमारे देश के बच्चे बोर्ड एग्जाम के लिए तैयारी कर रहे हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह इसके लिए तैयार हैं।  जबकि सऊदी अरब में सिर्फ 600 केस हैं, तो एग्जाम रद्द कर दिए गए हैं। मेक्सिको में सिर्फ 1300 केस हैं और एग्जाम रद्द कर दिए।  कुवैत में 1500 कोरोना के मामलों के चलते एग्जाम कैंसिल कर दिए गए हैं। 

सोनू ने भारत के बारे में बोलते हुए कहा कि हमारे देश में सीबीएसई के एग्जाम हो रहे हैं।  मुझे नहीं लगता कि हमारे देश के छात्र और सिस्टम इस समय एग्जाम करवाने के लिए तैयार है।  यहां 1 लाख 45 हजार केस रोजाना आ रहे हैं और हम एग्जाम करवाने पर विचार कर रहे हैं, जो बिल्कुल अनुचित है।  हमें इंटरनल असिस्टेंट करके इन छात्रों का समर्थन करना चाहिए। जब लॉकडाउन की बात कर रहे हैं और दूसरी तरफ एग्जाम करवा रहे हैं तो मुझे लगता है कि हमें इस छात्रों के समर्थन में आना चाहिए।